साईं पूजा के मुद्दे पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती द्वारा बुलाई धर्म संसद में साईं मंदिरों का देशव्यापी विरोध का निर्णय लिया गया।
एक पंथ के रूप में साईं को मानने पर संतों को आपत्ति नहीं थी। मंदिर बनाकर साईं की प्रतिमा भगवान की तर्ज पर स्थापित करने और साईं की पूजा-अर्चना मंदिरों में करने का धर्म संसद ने विरोध किया।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की अध्यक्षता में हुई धर्म संसद में संतों की एक संघर्ष समिति गठित की गई।
बागंभरी पीठ प्रयाग के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि इस समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि, समिति के महामंत्री होंगे।