अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद और अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता बाबा हठयोगी दिगंबर ने कहा कि शंकराचार्य नाटकबाज हैं।
बाबा हठयोगी ने कहा कि स्वरूपानंद सरस्वती, विजयदशमी के दिन साईं समाज की ओर से निकाली जाने वाली शोभायात्राओं का विरोध करने की बात कहे रहे हैं। उनका यह विरोध नाटकबाजी है। जहां तक साईं बाबा के ब्राह्मण होने के बारे में स्वामी गोविंद गिरि के पक्ष का सवाल है वह पूरी तरह सही लगता है।
शनिवार को गरुड़ आश्रम में पत्रकारों से वार्ता में बाबा हठयोगी ने कहा कि साईं बाबा के खिलाफ बोलते-बोलते शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती नाटकबाजी पर उतर आए हैं। जो लोग साईं बाबा को पूज रहे हैं वह भी हिंदू हैं।
लगातार साईं बाबा के विरुद्ध बोलकर स्वरूपानंद हिंदू धर्म को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। इसे अखाड़ा परिषद और संत समिति स्वीकार नहीं करेगी।