शंकर महादेवन ने कहा कि दून का मौसम शानदार है। यहां के लोग लकी हैं कि वो दून जैसे बेहतरीन मौसम में रह रहे हैं। मैं चाहता हूं कि दून के मौसम को किसी तरह थोड़ा सा मुंबई लेकर जा सकूं। उन्होंने कहा कि पहली बार दून में प्रस्तुति देने का उनका अनुभव शानदार रहा है।
बाप-बेटी का रिश्ता सबसे शानदार
शंकर ने कहा कि बाप-बेटी का रिश्ता सबसे शानदार होता है। उन्होंने गुलजार साहब की बेटी मेघना की फिल्म के गीत भी गाए हैं। कार्यक्रम में उन्होंने ज्यादातर गुलजार साहब के लिखे और शाद अली की फिल्मों के ही गीत गाए।
पहाड़ों के पार भी पहाड़ होगा
गुलजार ने कहा कि अगर शंकर-एहसान-लॉय गीतों को आवाज नहीं देते तो शायद वो शब्द कभी यादगार नहीं बन पाते। उनकी ‘पहाड़ों के पार भी पहाड़ होगा, पढ़ना वहीं जहां वेल्हम बॉयज स्कूल होगा’ पंक्तियों पर छात्रों ने खूब तालियां बजाई।