मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया की मॉनीटरिंग के लिए शासन स्तर पर समिति बनाने के निर्देश भी दिए। यह समिति विभागों में रिक्त पदों की स्थिति व इन्हें भरने के लिए की जा रही कार्यवाही की लगातार मॉनीटरिंग करेगी। कहा कि विभागों द्वारा भेजे जाने वाले भर्ती प्रस्ताव में कोई कमी न रहे। इसके लिए राज्य लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से समन्वय बनाकर कमियों को अविलंब दूर करना सुनिश्चित किया जाए। रिक्त पदों के भर्ती प्रस्ताव जल्द से जल्द आयोगों को भेजा जाए।
समान प्रकृति के पदों को एक साथ भरा जाए
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों के समान प्रकृति के पदों को भरने की प्रक्रिया एक साथ संपन्न की जाए। इससे आवेदकों को बार-बार आवेदन करने से राहत मिलेगी। फील्ड कर्मचारियों की कमी को दूर करने को विशेष प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य लोक सेवा आयोग व अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से भर्ती प्रक्रिया में और तेजी लाने की अपेक्षा की। आयोग को इसके लिए संसाधनों की आवश्यकता होने पर शासन को अवगत कराया जाए।
नियमित भर्ती में संविदा पर कार्यरत कर्मियों को अधिमान
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों में रिक्त पदों के सापेक्ष काम कर रहे उपनल, पीआरडी व अन्य संविदा कर्मियों का विवरण भी कार्मिक विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। लंबे समय से संविदा पर काम कर रहे कर्मियों को नियमित भर्ती में अधिमान दिया जाएगा।
आयोगों ने रखा भर्ती प्रक्रिया का ब्योरा
राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष आनंद सिंह रावत ने बताया कि वर्तमान में कोई भी भर्ती प्रस्ताव लंबित नहीं है। आयोग की ओर से उत्तराखंड सिविल सेवा जज की भर्ती प्रक्रिया दिसंबर 2019 और अर्थ एवं संख्याधिकारी एवं सहायक वन संरक्षक की भर्ती मार्च 2020 तक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एस राजू ने बताया कि आयोग में पांच हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इन पदों की भर्ती प्रक्रिया सात से आठ माह में पूरी की जाएगी।