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शनि की पूजा से बढ़ेंगे महिलाओं पर दुराचार: शंकराचार्य

Tue, 12 Apr 2016 04:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार

सार

  • महाराष्ट्र में पड़ रहे सूखे को बताया शिरडी में साईं पूजा का प्रतिफल।
  • अगर साईं चमत्कारिक हैं तो सूखे का समाधान करें।
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शंकराचार्य स्वरूपानंद - फोटो : AmarUjala
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विस्तार
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने एक बार फिर साईं पूजा को अनिष्टकारी बताते हुए लोगों से साईं के बजाय भगवान श्री गणेश की आराधना करने अपील की। उन्होंने कहा कि किसी को भी शनिदेव की पूजा नहीं करनी चाहिए।
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शनिदेव की पूजा करने से महिलाओं पर अन्याय, अत्याचार और दुराचार जैसी घटनाएं बढ़ेगी। महाराष्ट्र में पड़ रहे सूखे को शिरडी में साईं पूजा का प्रतिफल बताते हुए उन्होंने कहा कि अगर साईं चमत्कारिक हैं तो इस संकट का समाधान करें।

अर्द्धकुंभ के स्नान के लिए हरिद्वार प्रवास कर रहे जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने सोमवार को कनखल स्थित अपने मठ में पत्रकार वार्ता करते हुए यह बातें कही। उन्होंने शनि शिंगणापुर में शनि देव की पूजा करने की हिमायत करने वालों को सलाह दी कि वह महिलाओं के हितों के लिए लड़ाई लड़ें।
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साईं मंदिर को बताया मजार, हिंदुओं के लिए वर्जित

स्वामी स्वरूपानंद
शनि की पूजा नहीं करनी चाहिए। शनि ग्रह है, उनकी शांति के लिए प्रयास किए जाते हैं। शनि की पूजा करने से महिलाओं का हित नहीं होगा, बल्कि उनपर अत्याचार और दुराचार जैसी घटनाएं बढ़ेंगी। वहीं दो साल बाद फिर उन्होंने साईं पूजा को लेकर भी बयान दिया।

कहा कि साईं मुस्लिम थे, जिनका नाम चांद मियां था, 1838 में चांद मियां का जन्म हुआ और 1918 में निधन हो गया था। शिरडी में जहां साईं मंदिर बनाया गया है वह चांद मियां की मजार है, वह स्थान कब्रिस्तान है। कब्रिस्तान में हिंदू या मुस्लिम कोई भी नहीं जा सकता।

मजार पर मूर्ति रखकर जिसे हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक मंदिर बताया जा रहा है वह गलत है। वहां जिन्न रहता है और जिन्न की पूजा करना अनिष्ट है। उन्होंने आरोप लगाया कि साईं की पूजा के नाम पर विदेशों से भारत में धर्म को बिगाड़ने के लिए बड़े पैमाने पर पैसा भेजा जा रहा है।

साईं पूजा छोड़ करें गणेश पूजा, खत्म हो जाएगा सूखा

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती - फोटो : pti
महाराष्ट्र में विनाशकारी सूखे को जोड़ते हुए जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि लोगों को साईं की पूजा छोड़कर भगवान श्रीगणेश की आराधना करनी चाहिए, तभी इन विपत्तियों से मुक्ति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि जहां साईं मंदिर बनाए जाते हैं वहां भगवान शिव, कृष्ण और राम की मूर्तियां साईं के चरणों में रखी जाती है, यह हिंदू धर्म का अपमान है। हिंदू धर्म ग्रंथों के नाम पर साईं चालीसा, साईं रामायण, साईं पुराण लिखे जा रहे हैं।

यह गलत है। साईं के व्रत रखे जा रहे है, जिनमें प्याज और लहसुन का सेवन किया जा रहा है, जबकि हिंदू धर्म में व्रत में इसका त्याग किया जाता है। उन्होंने दिल्ली के बिरला मंदिर में भी साईं की मूर्ति रखे जाने को अनुचित बताया।
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शनिदेव रोक रहे हरिद्वार में यात्रियों का आवागमन

शन‌ि
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या शनिदेव के बढ़ते मंदिरों की संख्या से कम हो रही है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में प्रवेश करने वाले सभी रास्तों पर शनिदेव मंदिर बना दिए हैं। यह शुभ नहीं है। इसी का परिणाम है कि यहां श्रद्धालु कम आ रहे है। उन्होंने इन मंदिरों को हटाने की बात कही।  

गंगा में जल बढ़ाए शासन 
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने हरिद्वार में भी गंगा में जल की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गंगा को निर्मल बनाने के लिए अविरल बनाना होगा। गंगा पर जितने भी बाध प्रस्तावित हैं, उनको निरस्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में गंगा जल विहीन हो रही है और अर्द्धकुंभ का मुख्य स्नान होना है।

प्रशासन को टिहरी बांध की झील से गंगा में जल छोड़ना चाहिए। टिहरी बांध को उन्होंने विनाशकारी बताया। कहा कि भारी भूकंप आने पर यह बाध विनाशलीला लिख देगा। हरिद्वार से लेकर दिल्ली और इलाहाबाद तक कुछ नहीं बचेगा। सोमवार की शाम जयराम आश्रम के पीठाधीश्वर ब्रहमचारी ब्रहमस्वरूप, चेतन ज्योति आश्रम में पीठाधीश्वर स्वामी ऋषिश्वरानंद, शिवम महंत, प्रेम कुमार सिंघल, विजय अग्रवाल आदि ने शंकराचार्य से मिलकर आशीर्वाद लिया।
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