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यौन उत्पीड़न को लेकर सीएम के निजी सचिव ने वेब पोर्टल के खिलाफ पुलिस में दी तहरीर, जानिए पूरा मामला

Mon, 03 Dec 2018 11:24 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
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एसएसपी निवेदिता कुकरेती
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सीएम के निजी सचिव के खिलाफ यौन उत्पीड़न संबंधी अपुष्ट खबर चलाने पर वेब पोर्टल के खिलाफ सोमवार को शिकायत दर्ज कराई गई है। इस मामले में मुख्यमंत्री के मुख्य निजी सचिव सुरेश चंद जोशी ने  वेब पोर्टल के खिलाफ एफआईआर के लिए तहरीर दी है। एसएसपी निवेदिता कुकरेती का कहना है कि मामले में प्राथमिक जांच की जा रही है, जल्द ही कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।  जोशी ने पोर्टल को पांच लाख रुपये की मानहानि का नोटिस भी भेजा है।  

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रविवार को रात वेब पोर्टल ने ‘सचिवालय के अफसर ने किया यौन उत्पीड़न’ शीर्षक से एक समाचार प्रसारित किया था। खबर के समर्थन में एक युवती का शिकायती पत्र भी अपलोड किया गया था। पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक  युवती  ने पत्र में सुरेश चंद जोशी पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।

खबर के प्रसारित होते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद जब खुद सुरेश चंद जोशी के पास यह खबर पहुंची तो उन्होंने वेब पोर्टल के खिलाफ एसएसपी से शिकायत की। सुरेश चंद जोशी की शिकायत के अनुसार इस पर पत्र पर किसी के हस्ताक्षर नहीं हैं।

 

उन्होंने शिकायती पत्र में लिखे नाम वाली किसी महिला से परिचय होने से भी इंकार किया है। सुरेश चंद जोशी ने एसएसपी से पोर्टल के खिलाफ आईटी एक्ट व प्रतिष्ठा धूमिल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने का अनुरोध किया है। 

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कैंट कोतवाली में दर्ज है पोर्टल के खिलाफ मुकदमा  

इस पोर्टल के खिलाफ 13 अक्तूबर को सरकार की ओर से भी एक मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोप है कि पोर्टल पर उद्योगपति गौतम अडानी का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ एक वीडियो प्रसारित किया था। इस वीडियो में गौतम अडानी सरकार की योजनाओं और प्रगति की आलोचना करते सुनाई पड़ रहे हैं।

इस वीडियो में कुछ सरकारी अधिकारी भी बैठे हुए हैं। सरकार ने इस वीडियो को छेड़छाड़ करने के बाद प्रसारित करने का आरोप पोर्टल पर लगाया है। इस आधार पर कैंट कोतवाली में पोर्टल के खिलाफ आईटी एक्ट व सामाजिक छवि को धूमिल करने संबंधी आरोपों में मुकदमा दर्ज है। फिलहाल यह वीडियो केंद्रीय फोरेंसिक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है।

शासन पहुंचा यौन उत्पीड़न का पत्र
मुख्यमंत्री के एक निजी सचिव पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने वाला पत्र शासन में पहुंचा है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार के नाम भेजे पत्र पर किसी के हस्ताक्षर नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार मुख्य सचिव ने इस पत्र को परीक्षण के लिए अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश के पास भेज दिया  है।  
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