प्राकृतिक गुफाओं और पौराणिक मंदिरों के लिए विख्यात पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट में एक और गुफा सामने आई है।
गंगोलीहाट नगर से पांच किमी दूर सुतारगांव की डानाकोट पहाड़ी में मिली करीब 30 मीटर लंबी और 150 मीटर ऊंची ये गुफा सात मंजिली है।
गुफा को देखने के लिए लोगों का तांता लगा हुआ है। गुफा के प्रकाश में आने की बात भी काफी रोचक है।
सपने में दिखी थी यह गुफा
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता शंकर सिंह बोरा बताते हैं कि उनको कई दिनों से एक पहाड़ी में गुफा में शिवलिंग की पूजा करने जैसा आभास हो रहा था।
उनके सपने में सुतारगांव में स्थित डानाकोट की पहाड़ी दिखाई देती थी। एक सप्ताह पहले वह सुतारगांव के मोहन चंद्र भटट्, देवेंद्र भट्ट को साथ लेकर डानाकोट की पहाड़ी में गए।
घने जंगल में एक स्थान पर मुहाना सा दिखाना दिया। झाड़ियों को साफकर वह लोग टॉर्च के सहारे आगे बढ़े तो तरह-तरह आकृतियां दिखाई देने लगी।
गुफा में बनी हैं कई आकृतियां
20 मीटर आगे बढ़ने पर एक मैदान मिला। मैदान से कई मंजिली गुफा के दर्शन हुए। बताते हैं कि गुफा में शेषनाग, ब्रह्मकमल, शेर, हाथी की सूंड आदि की आकृतियां बनी हैं।
गुफा के सातवें मंजिल में शिव, पार्वती, राम, लक्ष्मण, सीता की आकृतियां हैं। शिवलिंग में गाय की थन की आकृति के पत्थर सेपानी टपकता है।
गुफा के प्रकाश में आने की सूचना के बाद से गुफा देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ रहा है। लोग दूर-दूर से गुफा के दीदार को आ रहे हैं।
गुफा की ऊपरी मंजिलों में जाने के लिए गांव के लोगों ने लकड़ी की सीढ़ियां लगा रखी हैं। ठेकेदार राम सिंह बिष्ट ने गुफा में सौरऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए 15000 रुपए प्रदान किए हैं।
मानसखंड बताता है गंगोलीहाट में 21 शिवस्थल
महर्षि व्यास द्वारा आज से 5000 साल पहले रचित स्कंदपुराण के मानसखंड में गंगोलीहाट क्षेत्र में 21 शिवस्थल बताए गए हैं। इनमें से पाताल भुवनेश्वर की गुफा को आठवी शताब्दी में आदि गुरु शंकराचार्य जी महाराज प्रकाश में लाए।
शैलेश्वर, मुक्तेश्वर, बाणेश्वर, भोलेश्वर, नागेश्वर, तामेश्वर, कोटेश्वर, जट्टेश्वर आदि गुफाएं और रामेश्वर, हाटकेश्वर, मणिकेश्वर जैसे कई प्राचीन शिव मंदिर प्रकाश में हैं।
सुतारगांव के डानाकोट गुफा ने गुफाओं की घाटी के इतिहास में एक और अध्याय जोड़ दिया है।
गुफा के विकास में हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। पर्यटन और पुरातत्व विभाग की टीम से सुतारगांव में प्रकाश में आई गुफा का सर्वेक्षण कराया जाएगा। गुफा को विकसित कराया जाएगा।
- अनुराग आर्य एसडीएम गंगोलीहाट