विषाक्त भोजन खाने से सोमवार रात परिवार के सात लोग बेहोश हो गए। मंगलवार देर सुबह तक घर का दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसियों की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और सभी बेहोश लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
बहादरपुर खादर निवासी सुरेंद्र सिंह के घर पर सोमवार रात उसकी पत्नी रितेश देवी ने आलू-गोभी की सब्जी और रोटी बनाई थी। रात को पूरा परिवार खाना खाने के बाद सो गया था। बताया जा रहा है आधी रात के बाद परिवार के सुरेंद्र, उसकी पत्नी रितेश, छोटे भाई पोपिन, बेटे दीपक, वंश एवं रितिक और बेटी की हालत बिगड़ गई। उसके बाद सभी बेहोश हो गए। मंगलवार सुबह किसी काम के लिए पड़ोसियों ने उनके घर का दरवाजा खटखटाया तो दरवाजा नहीं खुला।
इसी पर पड़ोसियों ने बराबर के मकान की छत से झांककर देखा तो परिवार के सभी लोग अपनी-अपनी चारपाई पर सोए हुए थे। पड़ोसियों की सूचना पर कोतवाली के दरोगा शहजाद अली पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पड़ोसी की छत से घर में दाखिल हुए। पड़ोसियों की मदद से पुलिस ने सभी बेहोश लोगों को हरिद्वार रोड मोहल्ले स्थित एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। एसएसआई हरिओम चौहान ने बताया कि डॉक्टरों ने बताया है कि सोमवार रात खाना खाने के बाद परिवार के लोगों की हालत बिगड़ गई थी। खाना बनाते समय खाने में कोई जहरीली चीज गिर गई होगी। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर है।