वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो ने विभिन्न विभागों को मिलाकर वन्य जीव तस्करों को दबोचने के लिए चक्रव्यूह तैयार किया है। तस्करों को पकड़ने के अभियान में अब आईटीबीपी, सीमा सुरक्षा बल, आरपीएफ, एसटीएफ, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आदि को भी शामिल किया जाएगा। ईडी को खासतौर पर परदे के पीछे रहने वाले तस्करों के सफेदपोश आका (किंगपिंस) की बखिया उधेड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। मनी लॉड्रिंग के जरिये ईडी इन्हें घेरेगा।
विभाग चौकस
वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूएलसीसीबी) की बुधवार को अल्मोड़ा में बैठक के बाद इस संबंध में विभिन्न विभागों को चौकस कर दिया गया है। वन्य जीव तस्करों के खिलाफ अभी तक वन विभाग पुलिस के साथ मिलकर अभियान चला रहा था, लेकिन अब इसमें सुरक्षा एजेंसियों को भी शामिल कर लिया गया है। आईटीबीपी, एसएसबी, आरपीएफ, एसटीएफ आदि सुरक्षा एजेंसियों के लिए डब्ल्यूएलसीसीबी अलग से प्रशिक्षण ‘मॉड्यूल्स’ तैयार करेगा।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए तैयार इन विशेष ‘मॉड्यूल्स’ में वन्य जीव तस्करों के आपरेट करने के तरीकों को बताया जाएगा। साथ ही तस्करों के मकड़जाल के संबंध में भी जानकारी दी जाएगी। देश की सीमा पर तस्करों को पकड़ने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाएगी ताकि अपराधी सीमा पार न जाने पाएं।
डब्ल्यूएलसीसीबी की विशेष टीमें सुरक्षा एजेंसियों को प्रशिक्षण देंगी। ब्यूरो ने डेढ़ से वन्य जीव तस्करों की सूची पहले ही तैयार कर ली है। अब इनके किंग पिंस की तलाश की जा रही है। इनका पता चलते ही ईडी काम शुरू कर देगा। मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव) धनंजय मोहन ने बताया कि अभी तक पुलिस के साथ अभियान चलाया जा रहा था, अब दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान चलेगा।