मांग सहमति
1. साइकिल और स्कूल भत्ते दरें संशोधित हों - मंत्री ने शासनादेश जारी करने के आदेश दिए
2. सभी इंजीनियरिंग विभागों की एक सेवा नियमावली बने - ईएनसी लोनिवि सभी विभागों की बैठक कर प्रस्ताव बनाएंगे। तीन माह में सेवा नियमावली बनेगी
3. पुरानी पेंशन लागू की जाए - केंद्र सरकार से राज्य सरकार अनुरोध करेगी। पत्र भेजेगी।
4. निगमों बोर्डों में तैनात डिप्लोमा इंजीनियरों को राजकीय विभागों के समान वेतनमान व सुविधाएं मिले- निर्णय नहीं हुआ
5. पेयजल निगम और जलसंस्थान का एकीकरण व राजकीयकरण हो - पहले एकीकरण होगा। राजकीयकरण पर सहमति नहीं बनीं
6. सभी विभागों में पूरे सेवाकाल में 10,16, 26 की सेवा पर तीन प्रमोशन मिले- वित्त विभाग को परीक्षण करने के निर्देश
7. पदोन्नति वेतनमान पूर्व व्यवस्था के अनुरूप हो - वित्त विभाग को परीक्षण के निर्देश
8. राज्य गठन से पूर्व की तदर्थ सेवा का लाभ पदोन्नति वेतनमान में दिया जाए- वित्त विभाग परीक्षण करेगा
9.प्रदेश से बाहर की कार्यदायी एजेंसियों पर रोक लगाए सरकार - नियोजन विभाग को परीक्षण करने के निर्देश
10. तबादला कानून में महासंघ के सुझावों को शामिल किया जाए -सभी कर्मचारी संघों के साथ बैठक होगी, जिसमें सबके सुझाव शामिल किए जाएंगे
11. अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के मांग पत्र पर कार्रवाई- मंच के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई जाएगी
12. सभी इंजीनियरिंग विभागों में जेई से एई प्रभारी व्यवस्था लागू की जाए - 15 दिन में व्यवस्था लागू होगी। ढांचे का पुनर्गठन होगा
बाहरी एजेंसियों की जेब में गए 6000 करोड़
बैठक में महासंघ के नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार की कार्यदायी एजेंसियां होने के बावजूद बाहरी एजेंसियों से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इससे सेंटेज के रूप में प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन से लेकर अब तक बाहरी एजेंसियों की जेब में करीब 6000 करोड़ रुपये जा चुके हैं।