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उत्तराखंड: सभी इंजीनियरिंग विभागों की एक सेवा नियमावली बनेगी, 15 दिन में जारी होंगे आदेश

Wed, 12 Feb 2020 01:52 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • वाहन भत्ते का शासनादेश जल्द जारी होगा, तबादला कानून में संशोधन को कर्मचारी संगठनों से मांगे जाएंगे सुझाव
  • सभी विभागों में जेई से एई प्रभारी व्यवस्था होगी लागू, 15 दिन में जारी होंगे आदेश
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सतपाल महाराज - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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उत्तराखंड में सिंचाई, लोक निर्माण समेत सभी इंजीनियरिंग विभागों के इंजीनियरों की एक सेवा नियमावली बनेगी। डिप्लोमा इंजीनियरों के वाहन भत्ते और मरम्मत भत्ते को लेकर जल्द शासनादेश जारी होगा। तबादला कानून में संशोधन को लेकर कर्मचारी संगठनों से सुझाव मांगे जाएंगे। इसके लिए शासन स्तर पर सभी कर्मचारी संघों के साथ बैठक होगी। यह सहमति उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की मांगों पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में बनीं। 

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मंगलवार को विधानसभा स्थित महाराज के कार्यालय कक्ष में आयोजित इंजीनियर्स समस्या समाधान समिति की बैठक में बिंदुवार मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से कई मांगों पर सहमति बनीं। इस दौरान कैबिनेट मंत्री ने महासंघ को आश्वस्त किया कि सरकार उनकी समस्याओं और मसलों को लेकर बेहद गंभीर है और उनका हर संभव समाधान किया जाएगा। बैठक में महाराज ने वित्त विभाग, लोनिवि, सिंचाई व अन्य विभागों के अधिकारियों को मांगों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।  

महासंघ की ओर से प्रदेश अध्यक्ष हरीश नौटियाल, अजय बेलवाल, पूर्व अध्यक्ष नवीन कांडपाल, यूएस मेहरा, संघर्ष समिति के अध्यक्ष एसके चतुर्वेदी, अरविंद सिंह सजवाण, आलोक श्रीवास्तव, एसएस चौहान, एसपी काला, योगेंद्र सिंह व जगमोहन सिंह रावत ने अपने अपने विभागों से संबंधित समस्याओं को रखा और उनके समाधान की मांग की। बैठक में अपर सचिव वित्त अरुणेंद्र सिंह चौहान, ईएनसी सिंचाई मुकेश मोहन, लोनिवि के चीफ इंजीनियर केपी जोशी समेत कई अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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मांगें और उन पर बनी सहमति

मांग                                                                        सहमति
1. साइकिल और स्कूल भत्ते दरें संशोधित हों            -        मंत्री ने शासनादेश जारी करने के आदेश दिए
2. सभी इंजीनियरिंग विभागों की एक सेवा नियमावली बने -    ईएनसी लोनिवि सभी विभागों की बैठक कर प्रस्ताव बनाएंगे। तीन माह में सेवा नियमावली बनेगी    
3. पुरानी पेंशन लागू की जाए                            -            केंद्र सरकार से राज्य सरकार अनुरोध करेगी। पत्र भेजेगी।
4. निगमों बोर्डों में तैनात डिप्लोमा इंजीनियरों को राजकीय विभागों के समान वेतनमान व सुविधाएं मिले- निर्णय नहीं हुआ
5. पेयजल निगम और जलसंस्थान का एकीकरण व राजकीयकरण हो    - पहले एकीकरण होगा। राजकीयकरण पर सहमति नहीं बनीं
6. सभी विभागों में पूरे सेवाकाल में 10,16, 26 की सेवा पर तीन प्रमोशन मिले-    वित्त विभाग को परीक्षण करने के निर्देश
7. पदोन्नति वेतनमान पूर्व व्यवस्था के अनुरूप हो                        -    वित्त विभाग को परीक्षण के निर्देश
8. राज्य गठन से पूर्व की तदर्थ सेवा का लाभ पदोन्नति वेतनमान में दिया जाए-    वित्त विभाग परीक्षण करेगा
9.प्रदेश से बाहर की कार्यदायी एजेंसियों पर रोक लगाए सरकार -        नियोजन विभाग को परीक्षण करने के निर्देश
10. तबादला कानून में महासंघ के सुझावों को शामिल किया जाए    -सभी कर्मचारी संघों के साथ बैठक होगी, जिसमें सबके सुझाव शामिल किए जाएंगे
11. अधिकारी कर्मचारी समन्वय मंच के मांग पत्र पर कार्रवाई-     मंच के पदाधिकारियों की मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई जाएगी
12. सभी इंजीनियरिंग विभागों में जेई से एई प्रभारी व्यवस्था लागू की जाए        - 15 दिन में व्यवस्था लागू होगी। ढांचे का पुनर्गठन होगा

बाहरी एजेंसियों की जेब में गए 6000 करोड़
बैठक में महासंघ के नेताओं ने कहा कि प्रदेश सरकार की कार्यदायी एजेंसियां होने के बावजूद बाहरी एजेंसियों से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इससे सेंटेज के रूप में प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन से लेकर अब तक बाहरी एजेंसियों की जेब में करीब 6000 करोड़ रुपये जा चुके हैं।
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