फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ukraine Crisis: पैदल ही साथियों के साथ पोलैंड की ओर चल दिया उत्तराखंड का सूर्यांश, कहा- अब खाने-पीने का भी संकट

Sat, 26 Feb 2022 02:14 PM IST
देहरादून ब्यूरो अरविंद सिंह, अमर उजाला, देहरादून

सार

पोलैंड की सीमा 75 किलोमीटर दूर है और ऐसे में रूसी सेना की ओर से की जा रही भारी बमबारी के बीच इतना लंबा सफर करना जिंदगी को जोखिम में डालने जैसा है।
विज्ञापन
यूक्रेन की सेना - फोटो : पीटीआई फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रूस और यूक्रेन के बीच जंग में देहरादून के 32 छात्र-छात्राएं राजधानी कीव के अलावा खारकीव, लिवीव जैसे शहरों में फंसे हुए हैं। सेना की ओर से तैयार किए गए बंकरों, रेलवे स्टेशनों के सबवे में शरण लिए हुए लोगों को दूतावास की ओर से किसी भी तरह से पोलैंड की सीमा तक पहुंचने को कहा गया है, लेकिन वहां जाने वाली सड़क पर 25 किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। यहां कई तो पैदल ही पोलैंड सीमा की ओर चल दिए हैं। 

विज्ञापन


गाजियाबाद निवासी विनीत कुमार चौधरी, उत्तराखंड के सूर्यांश सिंह र्बिष्ट, ओसामा कुरैशी, बिहार निवासी छात्र जीतेश व आशुतोष और राजस्थान निवासी राजेंद्र कुमार, गोपाल व अंकित कीमानें सहित उनके कई साथी पोलैंड की सीमा तक पहुंचने के लिए पैदल ही रवाना हो गए हैं। पूरे यूक्रेन से भारी संख्या में लोग पौलेंड की सीमा पर पहुंच रहे हैं, जिसके चलते गाड़ियों का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

75 किलोमीटर दूर पोलैंड की सीमा
स्थिति कितनी खराब है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लिवीव से पोलैंड की सीमा 75 किलोमीटर दूर है और गाड़ियां नहीं मिलने की स्थिति में बड़ी संख्या में लोग पैदल ही निकल पड़े हैं। सड़क पर युद्ध से खौफजदा लोग भागकर पोलेंड की सीमा पर पहुंच रहे हैं, जिसमें भारी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...रूस-यूक्रेन युद्ध:  250 छात्रों के साथ रोमानिया पहुंचते ही श्रीनगर की आंकाक्षा ने परिजनों को की खबर, वीडियो शेयर कर बताए हालात

यूक्रेन में फंसे विनीत कुमार चौधरी, ओसामा कुरैशी, राजस्थान निवासी राजेंद्र व बिहार निवासी आशुतोष ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने एडवाइजरी जारी की है कि सभी लोग अपने संसाधनों से पोलैंड की सीमा पर पहुंचे और वहां से उन्हेें सुरक्षित बाहर निकालने को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं।

यूक्रेन में फंसे लोगों के सामने संकट इस बात का है कि लिवीव से पोलैंड की सीमा 75 किलोमीटर दूर है ऐसे में रूसी सेना की ओर से की जा रही भारी बमबारी के बीच इतना लंबा सफर करना जिंदगी को जोखिम में डालने जैसा है। दूसरी ओर पोलैंड की सीमा पर जाने वाली सड़क पर 25 किलोमीटर लंबा जाम है और लाखों की संख्या में लोग पोलैंड की सीमा की ओर जा रहे हैं जहां आने-जाने के साथ ही खाने-पीने का भी संकट खड़ा हो रहा है। एटीएम खाली, कैश की बढ़ी दिक्कत जंग के बीच फंसे छात्रों का कहना है कि भारी बमबारी के चलते मची आपाधापी की वजह से लोगों ने एटीएम से नकदी निकाल ली है, जिसके चलते तमाम एटीएम खाली हो गए हैं। उनके सामने कैश का संकट खड़ा हो गया है।  नकदी नहीं होने की वजह से वह खाने पीने का सामान भी नहीं ले पा रहे। फिलहाल उनके पास कुछ ही दिनों के खाने पीने का सामान बचा है। ज्यादातर छात्रों का कहना है कि परिजनों द्वारा उनके बैंक खातों में पैसे तो जमा कराए गए लेकिन एटीएम में पैसे नहीं होने की वजह से वे पैसे भी नहीं निकाल पा रहे है ऐसे में उनके सामने भी गंभीर आर्थिक संकट है। यूक्रेन में रह रहे लोगों के बारे में दें जानकारी अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व केके मिश्रा ने बताया कि उत्तराखंड से शिक्षा अथवा व्यवसाय समेत विभिन्न कार्यों के लिए राज्य के तमाम नागरिक यूक्रेन में निवासरत हैं। वर्तमान में यूक्रेन में राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए वहां रह रहे देहरादून जिले के नागरिकों का विवरण जिसमें उनका नाम, जिला और यूक्रेन में पता, मोबाइल नंबर, ई-मेल, पासपोर्ट नंबर आदि का विवरण आपदा कंट्रोल रूम देहरादून के दूरभाष नंबर 0135-2726066, 1077 (टोल-फ्री), 07534826066 व ई-मेल आईडी- deoc.pgrc.ddn@gmail.com पर अथवा आपातकालीन नंबर-112 पर भी उपलब्ध करा सकते हैं।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें