राजभवन ने अपर मुख्य सचिव विद्यालय शिक्षा को सरकारी स्कूलों में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी प्रमुख सचिव शिक्षा को इस संबंध में पत्र भेजा है।
संगठन ने की थी शिकायत
राष्ट्रीय सामाजिक न्यायकृति मंच के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार ने राज्यपाल और राज्य मानवाधिकार आयोग से इस बारे में शिकायत की थी।
मंच ने शिकायत के साथ अमर उजाला में 6 सितंबर 2014 को प्रकाशित ‘शौचालय पर शर्म कब आएगी?’ समाचार की कटिंग भी लगाई थी। भूपेंद्र कुमार ने स्कूलों में शौचालय न होने को मानवाधिकारों का हनन बताया।
राजभवन ने दिए निर्देश
राजभवन सचिवालय के उपसचिव घनश्याम शर्मा की ओर से अपर मुख्य सचिव विद्यालयी शिक्षा को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि शौचालय के साथ ही अन्य मूलभूत सुविधाएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।
वहीं, मानवाधिकार आयोग के सदस्य जस्टिस राजेश टंडन और डॉ. हेमलता ढौंढियाल ने भी बालिकाओं के लिए अलग से शौचालय बनाने का निर्देश प्रमुख सचिव शिक्षा को दिया है।
आयोग ने कहा कि सरकार और स्कूल अथारिटी नियमित सफाई के लिए सफाईनायक की व्यवस्था भी करे। आयोग ने कहा कि इसे स्वच्छता अभियान की तरह लिया जाना चाहिए।