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1 लाख 70 हजार रुपये के लिए रिश्तेदार बन गया दुश्मन, पुलिस ने किए कई सनसनीखेज खुलासे

Wed, 19 Sep 2018 09:37 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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हत्या के बाद जांच करती पुलिस - फोटो : amar ujala
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करीब 15 दिन पहले मृतक व्यापारी आदेश ने एसएसपी देहरादून निवेदिता कुकरेती से मिलकर सचिन तोमर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

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दरअसल, बजरी सप्लाई की एवज में सचिन पर आदेश के 1 लाख 70 हजार रुपये उधार चले रहे थे। कई बाद तगादा करने के बाद भी सचिन ने रकम अदा नहीं की तो आईटी पार्क चौकी में पंचायत भी हुई। यहां 1 लाख 20 हजार रुपये अदा करने के वायदे पर दोनों में समझौता हुआ था।

इस सहमति के बाद भी सचिन ने उधार नहीं चुकाया तो आदेश ने उसका ट्रैक्टर बंधक बना लिया। इससे बौखलाए सचिन ने आदेश और उसके बेटे शुभम को जान से मारने की धमकी देनी शुरू दी। इस धमकी का नतीजा मंगलवार को इस खौफनाक वारदात के रूप में सामने आया।

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तीनों बदमाश मौका-ए-वारदात से पलक झपकते हुए फरार

सुबह के 11 बज रहे थे, बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाश, तीनों के हाथों में असलहे, पलक झपकते एक के बाद एक सात फायर, ...निशाने पर आए शख्स का काम तमाम। बेखौफ बदमाशों ने कुछ ऐसे ही प्रोफेशनल सुपारी किलर स्टाइल में रेत-बजरी कारोबारी 43 वर्षीय आदेश बालियान को गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया।

मंगलवार को बालावाला हनुमान मंदिर के समीप अचानक घटी इस घटना के खौफ से जड़ हुए लोग जब तक कुछ समझ पाते, इससे पहले तीनों बदमाश मौका-ए-वारदात से पलक झपकते कहां हवा हो गए, कोई समझ नहीं पाया। वारदात की पृष्ठभूमि में पैसों के लेनदेन में रिश्तेदार से दुश्मन बनने की कहानी सामने आई है।

मकतूल के बड़े बेटे शुभम बालियान की तहरीर पर बालावाला थाने में बागपत निवासी कारोबारी सचिन तोमर और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या मुकदमा दर्ज किया गया है। सचिन को आदेश का करीबी रिश्तेदार बताया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मकतूल की जिंदगी को पर्तें खोलकर पुलिस कातिलों तक पहुंचने की कोशिश में जुट गई है। चूंकि मामला नामजद है, इसलिए पुलिस की पेशानी का बल भी वारदात के कुछ देर बाद ही उतर गया। 

भवन निर्माण सामग्री और गिट्टी सप्लाई का कारोबार करते थे आदेश

पुलिस के मुताबिक मौत का निवाला बने आदेश, मूलत: मुजफ्फरनगर के सोरन गोड़ा थाना शाहपुर के रहने वाले थे। यहां वह बालावाला में भवन निर्माण सामग्री और गिट्टी सप्लाई का कारोबार करते थे। इसके लिए वे बालावाला में स्थानीय निवासी लाभ डोगरा से एक प्लाट किराए पर लेकर यहीं से सप्लाई का काम करते थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंगलवार को भी आदेश रेत उतरवाने के लिए प्लाट की ओर गए। सुबह करीब 10 बजे अपनी एसयूवी, सड़क (गुल्लरघाटी रोड) पर ही खड़ी कर वे प्लाट की ओर बढ़े, तभी बाइक पर सवार तीन लोग वहां से गुजरे। उस वक्त सुबह के 10: 53 बज रहे होंगे। शायद वे शिकार की टोह लेने आए थे। आदेश की प्लाट पर मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद कुछ ही क्षण में बाइक सवार, मुख्य सड़क पर  बाइक खड़ी कर पीछे के रास्ते से प्लाट पर पहुंचे। जब तक आदेश कु छ समझ पाते उन्हें निशाने पर लेकर दो हमलावरों ने पिस्टल और तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी।

आदेश कटे पेड़ की तरह वहीं धाराशायी हो गए तो तीसरे हमलावर ने आदेश के सीने में बेहद नजदीक से कुछ और गोलियां उतार दी। इस दौरान शांत बालावाला इलाका गोलियों की आवाज से थर्रा गया। मुतमईन होते ही कि काम तमाम हुआ, हमलावर जिधर से आए थे, पलट पड़े। इसी बीच आवाज सुन कुछ दूरी पर स्थित अपनी दुकान में मौजूद आदेश के दोस्त दिनेश बालियान मौके पर पहुंचे तो बदमाशों ने जान से मारने की घुड़की देकर उन्हें ठंडा कर दिया। बदमाशों के जाने के बाद दिनेश, खून से लथपथ पड़े आदेश को लेकर दून अस्पताल भागे। लेकिन, वहां डॉक्टरों ने आदेश को मृत घोषित कर दिया। बकौल पुलिस मौका-ए-वारदात से 12 बोर का एक कारतूस और 9 एमएम, 38 और 315 बोर के सात खोखे बरामद किए गए हैं। गोलियों का गणित और शरीर पर सात घाव पुष्टि कर रहे हैं कि आदेश के शरीर में पेवस्त हमलावरों की सात गोलियों ने उनकी जान ली। । 
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....सगा बन रहा है इसे भी ठोक ही दो

मुजफ्फरनगर के ही रहने वाले दिनेश बालियान का बालावाला में बालाजी ट्रेडर्स के नाम से भवन निर्माण सामग्री का फुटकर कारोबार है।

दिनेश रेत, बजरी और गिट्टी आदेश बालियान से ही लेते थे। घटना के दौरान दिनेश भी अपनी दुकान पर ही थे। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनने के बाद वह भागकर प्लाट की ओर भागे, उस वक्त हमलावर घटना को अंजाम देने के बाद लौट रहे थे। दिनेश भावावेश में कुछ बोला तो हमलावरों में से एक ने कहा- ‘इसी समय इसे भी ठोक दो...बहुत सगा बन रहा है’। इतना सुनते ही दिनेश अपनी दुकान की ओर भागे, जहां भीड़ जमा हो चुकी थी। इस बीच हमलावर फरार हो चुके थे।

तीन घंटे बाद निकली आदेश के शरीर से दो गोली 
व्यवसायी आदेश के शव का पोस्टमार्टम करने में चिकित्सकों की टीम को करीब साढ़े तीन घंटे लगे। इनमें से तीन घंटे तो उसके शरीर में फंसी दो गोलियों को तलाशने और निकालने में ही खर्च हो गए। आदेश को कुल सात गोलियां मारी गईं थीं। 

दरअसल, आदेश के शव का पोस्टमार्टम शाम करीब छह बजे शुरू हुआ था। इसके लिए भी पुलिस को जिलाधिकारी की अनुमति लेनी पड़ी थी। इसके बाद चिकित्सक भी शव को देखकर उलझ गए।

आदेश के शव में गोलियों के कई निशान थें। इनसे शुरूआत में लग रहा था कि उसे सात से ज्यादा गोलियां मारी गई हैं। उसकी छाती में जो गोली लगी वह छाती से पार होती हुई बाएं हाथ को छेदकर भी पार निकल गई थी। इस तरह एक ही गोली ने शरीर में चार निशान बनाए थे। इसी तरह पांच गोलियां शरीर के आर-पार हुई और दो गोलियां शरीर में ही धंसी रह गईं। 
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