राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में रैगिंग रोकने की जिम्मेदारी सीनियर छात्रों को सौंपी गई है। इसके लिए कॉलेज प्रशासन ने तीन-तीन सदस्यीय दो मेंटर समिति गठित कर दी हैं। उधर, रैगिंग के मामले में जांच समिति ने बृहस्पतिवार को जांच की।
दून मेडिकल कॉलेज में छात्रों के बाल कटाने, छात्राओं की हॉस्टल में रैगिंग करने के बाद कॉलेज प्रशासन हरकत में आया। प्रिंसिपल ने बुधवार को मामले की जांच बैठाई। बृहस्पतिवार को प्रिंसिपल ने सभी जूनियर और सीनियर छात्रों से फिर बातचीत की। उन्होंने छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग सीनियर छात्रों की समिति गठित कर दी है। यह समिति जूनियर छात्रों की हर समस्या सुनेगी।
रैगिंग होने की सूरत में कॉलेज प्रशासन को सूचना देगी। प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि सभी बाहरी छात्रों के आने-जाने पर नजर रखी जा रही है। कॉलेज से बाहर पीजी में रहने वाले छात्रों पर भी नजर रखी जा रही है। उधर, कॉलेज में जांच समिति ने भी जांच शुरू कर दी है।