कार्य बहिष्कार कर दून अस्पताल परिसर में धरना देते संविदा कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के सदस्य।
देहरादून। अनुबंध बढ़ाने और वेतन जारी करने की मांग के लिए राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के संविदाकमिर्यों ने कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया है। गुस्साए कर्मियों ने विरोध जताने के लिए बांह पर काली पट्टी भी बांधी। डेंगू और वायरल बुखार मरीज बढ़ने के दौरान कार्यबहिष्कार से दून अस्पताल में व्यवस्थाएं गड़बड़ा गई। अस्पताल प्रशासन ने प्रशिक्षुओं को भी ड्यूटी पर लगाकर व्यवस्थाएं संभालने की कोशिश की।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 57 संविदाकर्मी विभिन्न लैब और कॉलेज की लाइब्रेरी मेें तैनात हैं। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले संविदाकर्मी बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे अस्पताल परिसर में एकत्र हुए। सभी बांह पर काली पट्टी बांधे हुए थे। इनके कार्यबहिष्कार से पैथोलॉजी, ऑपरेशन थियेटर, नेत्र जांच, एक्सरे आदि में व्यवस्थाएं प्रभावित होने लगी। इस पर अस्पताल प्र्रशासन ने प्रशिक्षु स्टूडेंटों की मदद ली, लेकिन मरीजों को ज्यादा राहत नहीं मिल पाई। इस दौरान मरीज कई बार कर्मचारियों से उलझते नजर आए। कॉलेज केे प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना और अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. एनएस खत्री ने उच्चाधिकारियों को इससे अवगत कराया। तात्कालिक कोई आश्वासन न मिलने पर संविदाकर्मियों ने कार्यबहिष्कार जारी रखा। संघ के महामंत्री मनोज जोशी ने बताया कि छह माह से उनका अनुबंध विस्तार नहीं किया गया है। इस दौरान उन्हें वेतन भी नहीं मिला। चेतावनी दी यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो कार्यबहिष्कार जारी रहेगा। विरोध जताने वालों में संघ के कार्यकारी अध्यक्ष गोविंद प्रसाद, उपाध्यक्ष हिमानी नेगी, सचिव ललित मोहन जोशी, कोषाध्यक्ष दीपचंद्र जोशी आदि शामिल रहे।
हो सकती है अनुशासनात्मक कार्रवाई
राजकीय मेडिकल कालेज अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि बृहस्पतिवार को 31 कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। उनमें से कई कॉलेज में कार्यरत हैं। जबकि कुछ अस्पताल में तैनात टेक्नीशियन और पैरामेडिकल कर्मी हैं। उन्हें मौखिक रूप से चेतावनी दे दी गई थी कि डेंगू के प्रकोप के दौरान काम न करना न्यायोचित नहीं है और उनके प्रकरण पर निदेशालय व शासन द्वारा सहानुभूति पूर्वक निर्णय लिया जाएगा। इसके बावजूद काम न करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। डॉ.सयाना ने दावा किया कि कार्य बहिष्कार के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था कर दी गई थी। जिससे मरीजों को ज्यादा दिक्कत नहीं हुई।
दो कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी
प्रिंसिपल डॉ. सयाना ने बताया कि एनेस्थिसिया विभाग में तैनात जगदीश सिंह और संजय सजवान 29 अगस्त को बिना किसी सूचना के गायब रहे। संपर्क करने पर दोनों ने भविष्य में भी ड्यूटी करने से इंकार किया गया है। दोनों की संविदा अवधि 30 मार्च 2020 तक है और वेतन भी लगातार दिया जा रहा है। दोनों कर्मियों के अनुपस्थित रहने से आकस्मिक चिकित्सा और ऑपरेशन के दौरान परेशानी हो रही है। प्रिंसिपल ने कहा कि दोनों कर्मचारियों को विधिक कार्रवाई के लिए अंतिम चेतावनी दी गई है।