राजधानी के पलटन बाजार में जिस व्यवस्था के लिए दून को अंतरराष्ट्रीय अवार्ड मिला, वह मौके से नदारद है। बुजुर्गों के आराम के लिए बाजार में लगाई गई बेंच गायब है। वहीं दुकानदारों की ओर से रोड पर अतिक्रमण भी कम नहीं है। एकबार फिर से व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है।
ट्रैफिक व्यवस्था को भी सराहा
कुछ दिन पहले ही दिल्ली में ‘चेंज मेकर्स फॉर क्लीन एयर एंड सस्टेनेबल मोबिलिटी’ सेमीनार में कई देशों के साथ ही दून के पलटन बाजार की नई ट्रैफिक व्यवस्था को भी सराहा गया। सेमिनार में पूरी व्यवस्था को लागू करवाने वाले एसएसपी केवल खुराना को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया।
अमर उजाला की पड़ताल
अंतरराष्ट्रीय संस्था सेंट्रल फार साइंस एंड इनवायरमेंट ने देहरादून के अलावा श्रीलंका की राजधानी कोलंबो, नेपाल, मणीपुर और कोलकाता शहर को भी सम्मानित किया था। संस्था की डायरेक्टर जनरल सुनिता नारायण ने पलटन बाजार में बुजुर्गों के लिए बनाए गए बेंच के साथ ही बाजार में वाहनों के प्रतिबंध की व्यवस्था को सराहा था, लेकिन सोमवार को जब अमर उजाला संवाददाता ने पूरे बाजार का निरीक्षण किया तो लगाई गई छह बेंच कहीं नजर नहीं आई।
एक बेंच दिखी वो भी पुलिस पिकेट के पास, जिस पर खाकीधारी ही आराम फरमाते हैं। पूरे बाजार में बुजुर्गों के लिए लगी कोई बेंच नजर नहीं आई। इस संबंध में एसएसपी केवल खुराना ने कहा कि वह मंगलवार को फिर से बेंच स्थापित कराएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि बेंच गायब न होने पाए। उन्होंने इसके लिए आमजन से भी सहयोग की अपील की है।