बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्थाओं का खाका तैयार कर दिया है। धाम में पुलिस अधिकारियों सहित 118 जवान तैनात किए जाएंगे।
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माणा से लेकर बदरीनाथ बस स्टैंड तक 150 होमगार्ड और दो प्लाटून पीएसी तैनात रहेगी। धाम के कपाटोद्घाटन के दौरान बम निरोधक दस्ता भी तैनात रहेगा।
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पुलिस बदरी विशाल के गर्भगृह से लेकर परिसर तक 20 सीसीटीवी कैमरे, 3 मूविंग कैमरे और एक बैगेज स्केनर के जरिये संदिग्धों पर नजर रखेगी।
यात्रा मार्ग पर सीजनल पुलिस चौकियां भी शुरू हो गई हैं। शीघ्र पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा निरीक्षण करेंगे।
यात्रियों की मदद करेंगे पर्यटक सहायता केंद्र
तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान कोई दिक्कत न हो इसके लिए गौचर, कर्णप्रयाग, चमोली, गोपेश्वर, पीपलकोटी, जोशीमठ, पांडुकेश्वर, गोविंदघाट, घांघरिया और श्री बदरीनाथ धाम में पर्यटक सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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गौचर, नंदप्रयाग, पीपलकोटी, जोशीमठ और पांडुकेश्वर में बैरियर लगाए गए हैं। बदरीनाथ धाम जाने वाले हर वाहन की इन बैरियरों पर सघन चैकिंग होगी।
बदरीनाथ धाम की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कराई जा रही है। संपूर्ण यात्रा मार्ग में स्थित होटलों और धर्मशालाओं की सघन चैकिंग की जाएगी। बिना आईडी प्रुफ के किसी भी व्यक्ति को होटलों में ठहरने नहीं दिया जाएगा।
-सुनील कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक, चमोली।
जोशीमठ से लागू होगा गेट सिस्टम
बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा के लिए इस बार पूर्व वर्षों की भांति गेट सिस्टम लागू होगा। जोशीमठ से सुबह 5.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक ही वाहनों की आवाजाही होगी। बडे़ वाहनों को धाम में जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
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बदरीनाथ हाईवे पर लामबगड़, पांडुकेश्वर, बैनाकुली, जेपी बैराज, दूध गंगा और कंचन गंगा में हर वक्त बीआरओ की जेसीबी और पांच मजदूर मौजूद रहेंगे।
धाम में एसडीआरएफ होगी तैनात
इस बार बदरीनाथ धाम में एसडीआरएफ (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉस फोर्स) तैनात रहेगी। फोर्स में 30 जवान रहेंगे। जो आपदा घटित होने पर तीर्थयात्रियों की सहायता कर उन्हें सकुशल गंतव्य तक पहुंचाएंगे।
पुलिस के पास नहीं है ठहरने का कमरा
छह माह तक कड़ाके की ठंड में बदरीनाथ धाम की सुरक्षा में लगे पुलिस के जवानों को धाम में रात्रि विश्राम के लिए भटकना पड़ता है। धाम में पुलिस कर्मियों को ठहरने के लिए विभाग का एक अदद कमरा तक नहीं है।
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वीवीआईपी व वीआईपी दौरों के चलते धाम में पुलिस बल बढ़ा दिया जाता है, लेकिन उन्हें ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं होती है। पुलिस विभाग को बदरी-केदार मंदिर समिति से पुलिस कर्मियों को ठहरने के लिए कमरे मांगे जाते हैं।
तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने पर पुलिस कर्मियों को रात काटनी मुश्किल हो जाती है। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा का कहना है कि धाम में पुलिस थाना है। पुलिस के जवानों को खाने के लिए मेस की सुविधा दी गई है।