सेलाकुई। शासन ने जिले के सभी छह विकासखंडों में मनरेगा एनुअल सर्कुलर का उल्लंघन कर कराए गए विकास कार्यों की जांच कराने का निर्णय लिया है।
मामले की शिकायत नई दिशा जनहित ग्रामीण विकास समिति के संस्थापक और सहसपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अमर सिंह कश्यप ने प्रधानमंत्री कार्यालय के शिकायत प्रकोष्ठ से की थी, जिसका संज्ञान लेते हुए पीएमओ ने उत्तराखंड शासन स्तर से कार्रवाई की बात कही है। इस पर सचिव ग्राम्य विकास डॉ. राम विलास यादव ने जिलाधिकारी और जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) को पत्र लिखकर मामले की जांच कर आख्या शासन को उपलब्ध कराने को कहा है।
अमर सिंह कश्यप का आरोप है कि देहरादून जिले के चकराता, कालसी, विकासनगर, सहसपुर, रायवाला और डोईवाला विकासखंड में में वित्तीय वर्ष 2013-14 से 2019-20 तक करीब 210 करोड़ रुपये के कार्य संपन्न कराए गए, जिसमें मनरेगा एनुअल सर्कुलर के अनुसार पांच लाख रुपये से अधिक के कार्य के लिए सामग्री अंशदान के लिए टेंडर कराए जाने जरूरी थे, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने नियमों को ताक पर रख बिना टेंडर के ही करोड़ों के कार्य मनरेगा योजना में करा दिए गए। इसमें पारदर्शिता नहीं बरती गई।
आरोप लगाया कि इसमें जनप्रतिनिधियों और लोक सेवकों द्वारा करोड़ों का खेल किया गया। उन्होंने प्रकरण की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराने की मांग की थी। उन्होंने टेंडर कराए बिना कार्य कराने वाले समस्त लोगों के विरुद्ध अनुशासनात्मक, दंडात्मक और रिकवरी की कार्रवाई की मांग की है।