उत्तराखंड में सचिवालय संघ की हड़ताल का सोमवार को नतीजा निकल आने की उम्मीद है। कोर्ट के आदेश के बाद सरकार और सचिवालय संघ दोनों दबाव में हैं।
सरकार कार्यवाही करेगी
सचिववालय संघ फिलहाल फेस सेविंग के लिए किसी विकल्प की तलाश में हैं। हालांकि इनकी ओर से मांग पूरी न होने तक हड़ताल को जारी रखने का ही इरादा जताया जा रहा है। दूसरी ओर सरकार भी सीधा टकराव मोल लेना नहीं चाहती। ऐसे में हाइकोर्ट के आदेश केपालन की मजबूरी दिखा कर इस बात का संकेत भी दिया जा रहा है कि हड़ताल वापस न हुई तो सरकार कार्यवाही करेगी। फिलहाल दो दिन के अवकाश के चलते दोनों तरफ की गतिविधियां सतह पर नही हैं।
शासन शनिवार को ही स्पष्ट कर चुका है कि हड़ताल समाप्प्तन हुई तो सोमवार को अगला कदम उठाया जाएगा। उधर, मुख्यमंत्री हरीश रावत भी कह चुके हैं कि काम के दिन करने का फैसला कैबिनेट में हुआ था और कैबिनेट में ही इस फैसले पर विचार किया जा सकता है।
रास्ता तलाशने की बात
सचिवालय संघ के कुछ पदाधिकारी मुख्यमंत्री के बयान को आधार बनाकर हड़ताल से वापसी का रास्ता तलाशने की बात भी कह रहे हैं। इनका कहना है कि गतिरोध को समाप्प्तकर ऐसा तरीका निकाला जाना चाहिए जिससे दोनों पक्षों की साख बची रहे। ऐसे में उन विकल्पों की तलाश भी की जा रही है जिसमें फेस सेविंग हो सके।
दूसरी ओर कोर्ट के आदेश को ढाल बनाकर सरकार इस कोशिश में भी है कि सचिवालय संघ काम पर लौट आए। ऐसे में यह संकेत भी दिया जा रहा है कि हड़ताल वापस न हुई तो कोर्ट के आदेश को देखते हुए हड़ताली कर्मचारियों केखिलाफ कार्यवाही की जाएगी।
माना यह भी जा रहा है कि यह सीधे टकराव का रास्ता होगा और इससे दोनो पक्ष नुकसान उठा सकते हैं। सोमवार को नतीजा सामने आने की संभावना केबावजूद मुख्यमंत्री हरीश रावत की अपील का निहितार्थ भी सरकार के नरम रुख का संकेत माना जा रहा है।