प्रियंका गांधी अपने दो बच्चों के साथ शनिवार को ट्रेन से कार्बेट नेशनल पार्क पहुंची। उन्होंने कार्बेट पार्क के खिनानौली गेस्ट हाउस में शाम तक आराम किया। इसके बाद जिप्सी से सांभर रोड और गोटिया रौ तक जंगल का लुत्फ उठाया। इस दौरान उन्होंने हाथी सफारी भी की। जिप्सी सफारी में उनको बाघ के दर्शन नहीं हुए। उनके साथ अवैतनिक वार्डन कुंवर विजेंद्र सिंह भी थे।
कार्बेट पार्क खुलते ही कंडी मार्ग के लिए प्रदर्शन
कंडी रोड को यातायात के लिए खोले जाने, डामरीकरण कराने सहित कई अन्य मांगों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (पी) ने कार्बेट पार्क के धनगढ़ी गेट पर शनिवार को धरना-प्रदर्शन किया। इसके चलते पार्क घूमने आए पर्यटकों को परेशानी उठानी पड़ी। घंटों इंतजार के बाद पर्यटक पार्क में प्रवेश कर पाए। प्रियंका गांधी धरना-प्रदर्शन से पहले ही पार्क में प्रवेश कर गई थीं।
शनिवार को यूकेडी (पी) के केंद्रीय अध्यक्ष त्रिवेंद्र सिंह पंवार के नेतृत्व में दल के कार्यकर्ता सुबह ही धनगढ़ी गेट पर पहुंच गए थे। इस दौरान हुई सभा में उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 2010 में जनहित में इस मार्ग के निर्माण के आदेश दिए थे, पर अभी तक आदेश का पालन नहीं हुआ। उन्होंने एसडीएम एसएस जंगपांगी के मार्फत मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगों को जल्द पूरा करने का आग्रह किया।
धनगढ़ी में कई घंटे फंसे रहे पर्यटक
मुंबई से पहली बार कार्बेट नेशनल पार्क भ्रमण पर आईं अलका देवी, कुमंच, प्राची, निशकिल, बरखा धनगढ़ी गेट में प्रदर्शन के कारण दो घंटे फंसी रहीं। उनका कहना है कि काफी समय से कार्बेट पार्क घूमने का मन था। शनिवार को प्रदर्शन के कारण काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं उदयपुर (राजस्थान) से आए विशाल कुमार और किशुकी, दिल्ली से आए करन, अमित, अल्का, वरनव, निखिल, कपिल बीस बार कार्बेट पार्क का भ्रमण कर चुके हैं, लेकिन इस तरह धनगढ़ी गेट पर इंतजार करना उनको पसंद नहीं आया।