फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

CBI पूछताछ में हरीश रावत ने कहा स्टिंग ऑपरेशन टेप सही है

Wed, 08 Jun 2016 08:51 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, नई दिल्ली-देहरादून
विज्ञापन
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत - फोटो : file photo
विज्ञापन
स्टिंग ऑपरेशन की जांच के सिलसिले में बयान देने दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्वीकार किया है कि टेप सही है और वे टेप में मौजूद हैं।
विज्ञापन


रावत ने सीबीआई अफसरों से स्टिंग के दौरान उन भाजपा नेताओं से भी पूछताछ करने का अनुरोध किया, जिनका नाम स्टिंग के दौरान लिया गया है। हालांकि उन्होंने विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात कहने से इंकार किया।

विधायकों की खरीद-फरोख्त संबंधी स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई ने मुख्यमंत्री हरीश रावत से मंगलवार को दोबारा पूछताछ की। रावत दिन में करीब 11 बजे दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। गौरतलब है कि सीबीआई प्रिलिमनरी एन्क्वायरी (पीई) के आधार पर इस मामले की पड़ताल कर रही है।
विज्ञापन


अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पीई के आधार पर सीबीआई किसी आरोपी को समन नहीं कर सकती। रावत एजेंसी के अनुरोध पर पूछताछ के लिए पेश हो रहे हैं। रावत से 24 मई को भी दिल्ली में पूछताछ की गई थी।
विज्ञापन

पहले तो स्टिंग के टेप को फर्जी बताते रहे रावत

सीबीअाई रेड
स्टिंग में रावत को उमेश कुमार नाम के कथित पत्रकार के फोन से बागी कांग्रेस विधायक को फ्लोर टेस्ट में साथ देने के लिए घूस देने की बात करते रिकॉर्ड किया गया है। हालांकि वह फ्लोर टेस्ट हो नहीं सका, क्योंकि तय तारीख के एक दिन पहले राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया।

सीबीआई ने 20 अप्रैल को इस मामले में पीई दर्ज की थी। हालांकि दोबारा बहाल होने के बाद रावत सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की अधिसूचना खारिज कर दी, लेकिन सीबीआई ने अपनी जांच जारी रखी। बाद में रावत को अदालत से भी राहत नहीं मिली। मंगलवार की पूछताछ में रावत पहले तो उस स्टिंग के टेप को फर्जी बताते रहे, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि स्टिंग में उनकी मौजूदगी सही है।

मुख्यमंत्री ने विधायकों की खरीद-फरोख्त की बात को सिरे से नकार दिया। साथ ही यह भी कहा कि जिस पत्रकार ने स्टिंग किया है उससे भी यह पूछा जाए कि उसके पास करोड़ों रुपए कहां से आए, जिससे वह विधायकों को खरीदने का दावा कर रहा है। इसके अलावा जिन भाजपा नेताओं का नाम स्टिंग के दौरान लिया गया है, उनसे भी पूछा जाना चाहिए कि आखिर उनका नाम उस व्यक्ति ने किस आधार पर लिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें