राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक हिमालय के गंगा बेसिन क्षेत्र में झरने, झीलों और नदियों के स्रोत सूखने के कारणों की पड़ताल करेंगे।
भविष्य में जल की उपलब्धता कैसी रहेगी, इसका भी आकलन किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से दिए गए ‘नेशनल मिशन फॉर सस्टेनिंग हिमालयन इकोसिस्टम’ (एनएमएसएचई) प्रोजेक्ट के तहत यह अध्ययन किया जाना है।
उल्लेखनीय है कि हिमालय के गंगा बेसिन क्षेत्र में जलस्रोत सूखने या उनमें पानी कम होने की बात सामने आ रही है। भविष्य
में यह बड़ी समस्या बन सकती है। इसे देखते हुए भारत सरकार ने यह प्रोजेक्ट शुरू किया है। प्रोजेक्ट के अंतर्गत ग्लेशियर व
बर्फबारी पर जलवायु परिवर्तन का क्या असर पड़ रहा है, इसका भी अध्ययन होगा।