एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि रात को नाला एक बार फिर बढ़ गया था। मार्ग को आवाजाही के लिए सुचारू बनाने के लिए दोनों तरफ से मशीनें लगी हैं। आईटीबीपी के जवान रस्सी डालकर लोगों की आवाजाही करवा रहे हैं। यदि मौसम साफ रहा तो बुधवार तक मार्ग से वाहनों की आवाजाही शुरू करवा दी जाएगी। लापता कर्मी की लगातार तलाश की जा रही है।
देव पूजन के कार्य में नहीं जा पा रहे ग्रामीण
मलारी गांव में बुधवार को देव पूजन कार्यक्रम होना है। इसमें शामिल होने के लिए गांव के करीब 30 लोग ज्योतिर्मठ और सुराईथोटा में रुके हुए हैं। उन्हें मार्ग खुलने का इंतजार है। ग्राम प्रधान देव सिंह राणा ने बताया कि ग्रामीणों को मंगलवार को ही गांव में पहुंचना था, लेकिन बैली ब्रिज बहने से मार्ग पर आवाजाही नहीं हो पा रही है। ऐसे में लोग बुधवार तक मार्ग खुलने का इंतजार कर रहे हैं। यदि मौसम ने साथ दिया तो सुबह के समय तमक नाले में वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
पर्यटक करते रहे मार्ग खुलने का इंतजार
नीती-मलारी की तरफ घूमने के लिए कुछ पर्यटक भी गए हुए हैं। उन्हें आज लौटना था लेकिन मार्ग बंद होने से वे वहीं होम स्टे में रुके हुए हैं। हालांकि प्रशासन के पास अभी वहां रुके पर्यटकों की स्पष्ट संख्या नहीं है लेकिन 15 से 20 पर्यटकों के फंसे होने का अनुमान है। सोमवार को ज्योतिर्मठ की तरफ से कई लोग टिम्मरसैंण महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए गए थे। उन्हें भी सुबह आईटीबीपी के जवानों ने रस्सी के सहारे दूसरी तरफ पहुंचाया।
तमक नाले में बीआरओ ने ह्यूम पाइप डालकर रास्ता बनाया है। मार्ग को आवाजाही के लिए सुचारू कर दिया गया है। लापता कर्मी अभी तक नहीं मिला है, उसकी तलाश लगातार जारी है।
-विवेक प्रकाश, एडीएम चमोली