शिकायत पर जेएम ने बृस्पतिवार को प्रशासनिक टीम को मौके पर भेजकर फैक्ट्री सील करने के निर्देश दिए। इस पर एएसडीएम रवींद्र सिंह के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम माधोपुर पहुंची। जहां टीम को पता चला कि फैक्ट्री पहले भी सील की जा चुकी है।
बकाया जमा नहीं करने पर बैंक ने पहले ही फैक्ट्री को सील कर दिया गया था। इसके बाद भी फैक्ट्री के अंदर काम हो रहा था। फैक्ट्री में कर्मचारी इंजेक्शन बनाने का काम कर रहे थे। जबकि कई इंजेक्शन धूप में रखे हुए थे। इस पर एएसडीएम ने ड्रग्स इंस्पेक्टर नीरज कुमार को मौके पर बुलाया। साथ ही इंजेक्शनों की जांच करने की बात कही। इस दौरान इंजेक्शनों की जांच को लेकर एएसडीएम और ड्रग्स इंस्पेक्टर में नोकझोंक हो गई।
इसकी सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस दौरान एएसडीएम ने ड्रग्स इंस्पेक्टर को फैक्ट्री संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही। साथ ही फैक्ट्री को बंद कराकर दोबारा सील कर दिया। उधर, ड्रग्स इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने बताया कि फैक्ट्री का लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए एक रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।