बच्चों के यौन शोषण के एक मामला स्कूल के प्रबंधन के संज्ञान में आने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। कथित बाल अपचारी (वीडियो में शोषण करते दिखने वाला) को प्रबंधन ने स्कूल आने से रोक तो दिया लेकिन एक साल तक इसकी कोई शिकायत पुलिस को नहीं की। मामले की जब शिकायत बाल संरक्षण आयोग को की गई तो अध्यक्ष के नेतृत्व में पहुंची टीम ने पुलिस को कार्रवाई की संस्तुति की है। स्कूल में पहुंची टीम को वहां ढेरों अनियमितताएं मिलीं जिनसे बच्चों का जीवन भी खतरे में पाया गया। आयोग ने पूरे मामले की शिक्षा विभाग से भी रिपोर्ट मांगी है।
बाल संरक्षण आयोग के अनुसार आयोग को क्षेत्रवासियों ने यौन शोषण की शिकायत की थी। इसका एक वायरल वीडियो भी शिकायकर्ताओं ने उपलब्ध कराया था। जांच करने पर पता चला कि इसमें यौन शोषण करते दिख रहा छात्र रायपुर क्षेत्र का रहने वाला है। जांच में यह भी पाया गया कि यह बच्चा एक स्थानीय स्कूल में पढ़ता है। इसके बाद टीम स्कूल में पहुंची तो प्रधानाचार्य से जानकारी ली गई। पता चला कि यह वीडियो एक साल से भी ज्यादा पुराना है। इसके बारे में प्रधानाचार्य को मालूम था लेकिन इसकी उन्होंने कोई शिकायत नहीं की।
जबकि, पोक्सो अधिनियम में प्रावधान है कि किसी संस्थान से जुड़ा कोई भी आरोपी हो या पीड़ित संस्थान को इसकी शिकायत पुलिस को करनी होती है। मौके पर पहुंची अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने प्रधानाचार्य को फटकारा। इसके बाद उन्होंने मामले में पुलिस को कार्रवाई की संस्तुति की। अध्यक्ष ने बताया कि मामले में एसएसपी को पत्र लिखा जा रहा है। जल्द ही इस मामले में नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्कूल में बहुत सी अनियमितताएं भी मिली हैं जिनके संबंध में शिक्षा विभाग से भी रिपोर्ट मांगी गई है।