जलभराव की समस्या से निपटने और बारिश के पानी को भूजल स्तर बढ़ाने के लिए नगर निगम की ओर से आठ और रिचार्ज पिट बनाए जाएंगे। इन रिचार्ज पिट का निर्माण वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर कराया जाएगा। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने निर्माण अनुभाग को रिचार्ज पिट के निर्माण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं।
नगर निगम की ओर से रिचार्ज पिट के निर्माण के लिए विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई है। टीम वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन करने के बाद रिचार्ज पिट का डिजाइन तैयार करती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बारिश का पानी छनकर ही जमीन के अंदर पहुंचे, जिससे भूजल प्रदूषित न हो। साथ ही बारिश के दौरान होने वाले जलभराव से भी लोगों को राहत मिल सके।
नगर निगम के अनुसार, पहले चरण में आठ रिचार्ज पिट के निर्माण के लिए डिजाइन उपलब्ध कराया गया था। इसके आधार पर आठ रिचार्ज पिट बनाए जा रहे हैं। अब आठ और रिचार्ज पिट के निर्माण के लिए विशेषज्ञ टीम ने वैज्ञानिक अध्ययन के बाद डिजाइन तैयार किया है। टीम ने सोमवार को यह डिजाइन नगर निगम के निर्माण अनुभाग को सौंप दिया।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक रिचार्ज पिट का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि बारिश के पानी को सीधे जमीन में उतारने के बजाय वैज्ञानिक प्रक्रिया से फिल्टर किया जा सके। इससे भूजल में गंदगी और प्रदूषित पानी पहुंचने की आशंका कम होगी। वहीं, वर्षा जल का बेहतर उपयोग होने से भूजल स्तर को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
नगर आयुक्त ने निर्माण अनुभाग को डिजाइन के अनुरूप आगे की कार्रवाई करते हुए रिचार्ज पिट का निर्माण कराने के निर्देश दिए हैं। निगम का मानना है कि बारिश के पानी के संरक्षण और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए रिचार्ज पिट प्रभावी उपाय साबित होंगे।