यह ट्रैक्टर जगदेव पुत्र वीरा सिंह निवासी मोनू पट्टी बहेड़ी बरेली के नाम पंजीकृत है। कुछ देर बाद बस चालक एक आरसी लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचा। आरसी पर मनोज पुत्र रामलाल निवासी 152 सिविल लाइन बरेली का नाम पता अंकित था। घालमेल यहां भी कम नहीं हुआ इस आरसी पर वाहन के कॉलम में जीप लिखा था। एआरटीओ ने बताया कि यूपी की कंडम गाड़ियों की आरसी दूसरे वाहनों पर लगातार धोखाधड़ी की जा रही है।
कंडम वाहनों के नंबरों का इस्तेमाल स्कूल बसों पर किया जा रहा है। ऐसी गाड़ियों के संचालक चेसिस को मोडीफाइड कराकर विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। अधिकांश वाहन निजी स्कूलों में बच्चों को ढोने के प्रयोग में लाए जा रहे हैं। एआरटीओ ने बताया कि फर्जी नंबर वाली बस के दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। इस मामले में जांच के बाद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
कंडम वाहनों की आरसी चोरी के वाहनों पर लगाकर उन्हें तराई में लाकर खपाया जा रहा है। मामले में पुलिस कई गैंगों को पकड़ चुकी है। कुछ दिन पहले बाजपुर पुलिस ने भी एक ऐसा गिरोह पकड़ा था। इस गिरोह का सरगना किंदा था। पुलिस ने उनके कब्जे से बड़ी संख्या में वाहन भी पकड़े थे। इस गिरोह की सक्रियता को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए हैं। वर्तमान में फिर से फर्जी आरसी के आधार पर चोरी के वाहन बेचे जाने वाला गैंग सक्रिय बताया जा रहा है।
बाजपुर के एक स्कूल में संचालित 13 सीटर बस को पकड़ा है। प्रपत्र नहीं दिखाने पर बस को सीज कर दिया गया है। बस का लिखा नंबर ट्रैक्टर का होना पाया गया। जबकि आरसी में जीप दर्ज है। चेसिस नंबर भी गलत प्रतीत हो रहा है। जांच के बाद वाहन स्वामी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
- अनीता चंद्र, एआरटीओ काशीपुर