कुर्सी मिली और गबन शुरू। कुछ इसी तर्ज पर देहरादून के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के कर-राजस्व अनुभाग में तैनात लेखाधिकारी ने लाखों का गबन कर डाला।
यह लेखाधिकारी छह माह पूर्व ही कार्यालय में तैनात हुआ था। विभागीय अधिकारियों ने मामले का खुलासा होते ही आरोपी को उसके मूल अनुभाग लेखा में भेज दिया है।
करीब एक सप्ताह पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी को घपले की शिकायत मिली। अंदरखाने जांच के साथ सैनी ने इसकी जानकारी कार्यवाहक संभागीय परिवहन अधिकारी राजीव मेहरा को दी।
बताया जा रहा है कि प्राथमिक जांच में घपले की पुष्टि हुई है। इसके बाद आरोपी लेखाधिकारी को कर-राजस्व अनुभाग से हटाकर मामले की जांच सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) हरिद्वार को सौंपी गई है।
ऐसे किया घोटाला
लेखाधिकारी ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के अधिकारों का गलत उपयोग करते हुए करीब 250 वाहन चालकों की पेनल्टी खुद ही माफ कर दी। निर्धारित शुल्क के तौर पर वसूली गई रकम विभागीय खाते में जमा कराने के बजाय आरोपी खुद हजम कर गया।
बताया जा रहा है कि यह रकम पांच से छह लाख रुपए हो सकती है। अब विभाग उन 250 फाइलों की भी जांच कर रहा है, जिन पर छूट देकर घपला किया गया।