बर्फीले तूफान से उत्तराखंड की चौदांस घाटी के सात गांवों में तबाही मच गई। तहसील मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर स्थित इन गांवों में संचार और यातायात की कोई सुविधा न होने के कारण क्षति की सूचनाएं तीन दिन बाद तहसील मुख्यालय पहुंची हैं। यह तूफान बीती आठ जनवरी को आया था।
उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार के आदेश पर गांवों का जायजा लेने चौदांस घाटी गए राजस्व उपनिरीक्षक नंद लाल की रिपोर्ट के अनुसार गाला और तांकुल गांव में भारी तबाही मची, जबकि अन्य गांवों में घरों को छिटपुट नुकसान हुआ।
राजस्व उपनिरीक्षक के साथ गाला के प्रधान देवी दत्त उपाध्याय और तांकुल के प्रधान सोबन राम भी यहां पहुंचे हैं। इन गांवों में लोग पत्थर और लकड़ी की सहायता से घरों का निर्माण करते हैं। छतों में टिन डाल दी जाती है। यदि टिन उपलब्ध न हो तो लोग छतों में पत्थर (पाथर) डाल देते हैं।
गाला में इंद्रा देवी, कुंदन सिंह, मनिकृष्ण, अनिल राम, सूर सिंह, नारायण दत्त, दरपान सिंह, मंगल सिंह, दौलत सिंह, प्रेम सिंह, पूरन सिंह, सुमन देवी, हर सिंह के घरों की छत उड़ गईं। मकान की दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है। तांकुल में सुंदर सिंह, पुष्कर सिंह, जमन सिंह, गगन सिंह, काशी दत्त, तुला राम, जसमल सिंह, गीता देवी, धन सिंह, दानी राम, जीवन सिंह, बहादुर सिंह के घरों को क्षति पहुंची है।