केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान की सुस्ती का आलम परिवहन विभाग में देखने को मिल रहा है। सारथी वेबसाइट के लांच होने के एक साल बाद भी परिवहन विभाग के अल्मोड़ा, हल्द्वानी व पौड़ी जोन के कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन परीक्षा की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी सभी कार्यालयों में नहीं है।
ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन, परीक्षा और फीस जमा करने की सुविधा ऑनलाइन प्लेटफार्म पर लाने के मकसद से केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने सारथी वेबसाइट को एक साल पहले शुरू किया था।
आरटीओ कार्यालय देहरादून, पौड़ी और एआरटीओ कार्यालय हरिद्वार, टिहरी, कोटद्वार, ऋषिकेश में सारथी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन हो रहे हैं। लेकिन ऑनलाइन परीक्षा की सुविधा अभी देहरादून को छोड़कर अन्य कार्यालयों में पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी है। कुमाऊं मंडल के दोनों संभागीय कार्यालयों हल्द्वानी और अल्मोड़ा में अभी तक ऑनलाइन परीक्षा तो दूर डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन तक की व्यवस्था शुरू नहीं हुई है।
अल्मोड़ा संभागीय कार्यालय के अधीन पिथौरागढ़, बागेश्वर, टनकपुर एआरटीओ कार्यालयों में भी यह सुविधा नहीं है। हालांकि हल्द्वानी जोन के अंतर्गत आने वाले रुद्रपुर, काशीपुर व रामनगर कार्यालय में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। लेकिन ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प शुरू नहीं नहीं हो सका है। साथ ही पौड़ी जोन के रुड़की, विकास नगर, कर्णप्रयाग, उत्तरकाशी एआरटीओ कार्यालयों में यह सुविधा नहीं है। एआरटीओ रुद्रपुर नंदकिशोर ने बताया कि रुद्रपुर एआरटीओ कार्यालय में डीएल के ऑनलाइन आवेदन हो रहे हैं। लेकिन संसाधनों के अभाव में ऑनलाइन परीक्षा नहीं हो पा रही है। संसाधन उपलब्ध होते ही ऑनलाइन परीक्षा भी शुरू की जाएगी।
इन कार्यालयों में शुरू नहीं हुए ऑनलाइन आवेदन
आरटीओ कार्यालय अल्मोड़ा
आरटीओ कार्यालय हल्द्वानी
एआरटीओ कार्यालय टनकपुर
एआरटीओ कार्यालय रुड़की
एआरटीओ कार्यालय कर्णप्रयाग
एआरटीओ कार्यालय उत्तरकाशी
एआरटीओ कार्यालय विकासनगर
एआरटीओ कार्यालय कर्णप्रयाग
आरटीओ कार्यालय देहरादून
रुद्रपुर में एक साल में 10,609 ऑनलाइन आवेदन
एआरटीओ कार्यालय रुद्रपुर में मार्च 2017 से डीएल के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हुई। अब ऑनलाइन आवेदन के बाद कुल 10,609 डीएल बन चुके हैं। इनमें 6389 लर्निंग व 4220 स्थायी डीएल हैं। हालांकि इन डीएल के सभी परीक्षाएं मैनुअल ही कराई गई थी।