सामने आया था कि कुछ सफेदपोश से मिलकर जीवा प्रॉपर्टी पर कब्जा करना चाहता था। इसकी शिकायत पुलिस के बड़े अधिकारियों से की गई थी। जीवा का नाम सामने आने पर अधिकारियों ने सीआईयू और पुलिस को अलर्ट रहने और मामले की गहनता से जांच करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस की सख्ती के बाद जीवा और सफेदपोशों ने प्रॉपर्टी विवाद में हाथ पीछे खींच लिए थे। बताया जा रहा है कि जीवा ने हाथ भले ही पीछे खींच लिए थे, लेकिन उसकी नजर अब भी इस प्रॉपर्टी पर थी और वह लगातार सफेदपोशों के संपर्क में था। अब जीवा की हत्या हो गई है तो रुड़की में उसके नाम की फिर से चर्चा शुरु हो गई है।