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आजम खां के खिलाफ संत समुदाय

Fri, 23 Aug 2013 11:53 PM IST
अमर उजाला, हरिद्वार
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सावन मास का अपना मौन व्रत तुड़वाने के लिए यूपी के मंत्री आजम खां को बुलवाकर दक्षिण काली पीठाधीश्वर कैलासानंद ब्रह्मचारी फंस गए हैं। संतों के तेवर उनके खिलाफ सख्त हैं।
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इतना ही नहीं अखाड़ों ने भी उनसे पूछताछ की है। व्रत तुड़वाने के लिए किसी प्रमुख संत अथवा हिंदू नेता को क्यों नहीं बुलाया। इसका जवाब कैलासानंद के पास नहीं है। शुक्रवार को विहिप संरक्षक अशोक सिंघल ने भी कैलासानंद से दूरभाष पर नाराजगी जताई।

दक्षिण काली मंदिर
कैलासानंद ब्रह्मचारी प्रत्येक सावन मास में भगवान आशुतोष का अनुष्ठान तांत्रिक पीठ दक्षिण काली मंदिर के प्रांगण में करते हैं। प्रतिवर्ष कई संत उनके इस आयोजन में भाग लेते हैं।
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इस बार एक ओर जबकि संत समाज चौरासी कोसी परिक्रमा रोके जाने से खफा हैं, ऐसे में आजम खां को अपना संकल्प व्रत खोलने के लिए बुलाना संत समाज को रास नहीं आ रहा है।

लखनऊ में संत
उस पर तुर्रा यह कि सपा आगामी दिनों में लखनऊ में संतों के एक सम्मेलन का आयोजन कर रही है। इसमें कैलासानंद ब्रह्मचारी उल्लेखनीय भूमिका निभाने जा रहे हैं।

इतना ही नहीं कैलासानंद ने हरिद्वार के कई संतों को भी इसके लिए न्यौता दिया। लेकिन करीब सभी संतों ने निमंत्रण ठुकरा दिया है।

जयराम पीठाधीश्वर ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि आजम खां को संत जगत कतई अमान्य करता है। उन्हें और कईं संतों को कैलासानंद ने न्यौता दिया था लेकिन सभी ने ठुकरा दिया है। इस संबंध में कैलासानंद ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है।

इनका कहना
आजम खां को व्रत तुड़वाने क्यों बुलाया, यह समझ नहीं आ रहा। कैलासानंद ब्रह्मचारी उस अग्नि अखाड़े से जुड़े हैं जो जूना और आवाहन के साथ कुंभ स्नान करता है। अखाड़ों से पूछे बिना ऐसा कोई कार्य करना अनुचित है। अखाड़ों ने कैलासानंद से पूछताछ की है। स्वयं अग्नि अखाड़े के वयोवृद्ध प्रभारी बापू गोपालानंद ने भी आजम को बुलाने को गलत ठहराया है।
-श्रीमहंत हरि गिरि, महामंत्री-अभा अखाड़ा परिषद

बिना कुछ सोचे-समझे आजम खां को दक्षिण काली जैसी विख्यात तंत्र पीठ पर बुला लिया। एक व्यक्ति के रूप में कोई भी दर्शन करने आ सकता है किंतु आजम खां संतों को कतई स्वीकार्य नहीं है। दुर्भाग्य की बात है कि उन्होंने कैलासानंद ब्रह्मचारी को भाई खान कहकर संबोधित किया। कैलासानंद बताएं कि वे भाई खान कब से बन गए।
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-बाबा हठयोगी दिगंबर- राष्ट्रीय प्रवक्ता अखिल भारतीय संत समिति।
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