मंत्री के इसी भवन पर है विवाद।
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उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री साहब सिंह सैनी की केहरी गांव स्थित भूमि जांच में कैंट बोर्ड क्षेत्र के अंतर्गत आती है। अब मामले में आगे की कार्रवाई कैंट बोर्ड करेगा। उधर गढ़ी कैंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी ने साहब सिंह सैनी की पत्नी रीता सैनी को अवैध निर्माण का नोटिस जारी करते हुए निर्माण कार्य रोकने की हिदायत दी है।
शनिवार को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण में कैंट बोर्ड के पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक हुई। दो दिन पहले हुए सर्वे को लेकर हुई बैठक में कैंट के एई ने बताया कि उक्त भूमि कैंट क्षेत्र में आती है।
एमडीडीए और कैंट ने तैयार की संयुक्त रिपोर्ट
प्राधिकरण और कैंट ने मिलकर संयुक्त रिपोर्ट तैयार की है। एमडीडीए के एई माधवानंद जोशी ने बताया कि अब पूरे प्रकरण में कैंट बोर्ड ही आगे की कार्रवाई करेगा।
एमडीडीए के सचिव पीसी दुम्का ने बताया कि साहब सिंह सैनी के निर्माण मामले में एहतियातन तौर पर एमडीडीए ने चालान काटा था पर अब मामला गढ़ी कैंट के हवाले है।
मालूम हो कि मंत्री साहब सिंह सैनी के केहरी गांव में निर्माणाधीन मकान पर अवैध निर्माण को लेकर हंगामा हुआ था, जिस पर एमडीडीए ने निर्माण रुकवाया था। इधर गढ़ी कैंट बोर्ड के मुख्य अधिशासी अधिकारी की ओर से कैबिनेट मंत्री साहब सिंह सैनी की पत्नी को भेजे गए नोटिस की एक कॉपी प्रेमनगर थानाध्यक्ष को भी भेजी गई है।