साध्वी तृप्ता सरस्वती व साध्वी सुखजीत सरस्वती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा की मांग की थी। हाईकोर्ट ने एसएसपी हरिद्वार को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ताओं को सुरक्षा मुहैय्या कराएं।
हाईकोर्ट ने स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती और अनुज ब्रह्मचारी की ओर से साध्वी तृप्ता सरस्वती एवं साध्वी सुखजीत सरस्वती को जान माल की धमकी देने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद एसएसपी हरिद्वार को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ताओं को सुरक्षा मुहैय्या कराएं। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को कहा है कि वे इस संबंध में पूरा प्रत्यावेदन एसएसपी को दें।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। साध्वी तृप्ता सरस्वती व साध्वी सुखजीत सरस्वती ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपनी सुरक्षा की मांग की थी।
याचिका में कहा था कि हरिद्वार में पावन धाम यात्री गृह और मंदिर गीता ट्रस्ट समिति मोंगा पंजाब द्वारा संचालित होता आया है। स्वामी सहज प्रकाश के ब्रह्मलीन होने के बाद स्वामी चिन्मयानंद व अनुज ब्रह्मचारी ने इस पर कब्जा कर लिया। इन्होंने स्वामी सहज प्रकाश के व्यक्तिगत कमरे का ताला तोड़कर वहां से सोने के आभूषण व ट्रस्ट के सारे कागजात गायब कर दिए हैं। इसकी रिकॉर्डिंग वहां लगे सीसीटीवी फुटेज में दर्ज है। स्वामी सहज प्रकाश ने उनके (याचिकाकर्ताओं) नाम पर 2 नवंबर 2000 को ट्रस्ट की वसीयत कर दी थी। जब वे ट्रस्ट में गए तो उन्हें स्वामी चिन्मयानंद व अनुज ब्रह्मचारी ने अंदर नहीं घुसने दिया और जानमाल की धमकी दी।