दिलचस्प पहलू यह है कि यूक्रेन के विभिन्न शहरों में फंसे बच्चों को सुरक्षित वापस लाने के लिए परिजन हवाई यात्रा के टिकट का भुगतान करना चाहते हैं लेकिन यूक्रेन के कीव, खारकीव व लिवीव जैसे शहरों से सीधी हवाई सेवाएं नहीं होने से बच्चों को आने में दिक्कत हो रही है। यूक्रेन में फंसे बच्चों के अभिभावकों की मांग है कि सरकार को तत्काल तमाम बड़े शहरों से सीधी हवाई सेवाएं शुरू कर देनी चाहिए।
70,000 रुपये का भुगतान करके लिया टिकट
सूर्यांश की मां रश्मि बिष्ट ने बताया कि उन्होंने 70,000 रुपये का भुगतान करके बेटे के लिए हवाई यात्रा का टिकट लिया है जो 27 फरवरी को कीव से रवाना होगी। हवाई सेवा लिवीव से पहले राजधानी कीव और फिर दुबई के रास्ते भारत आएगी। रश्मि का कहना है कि जिस तरीके की परिस्थितियां बनी हुई हैं उसे देखते हुए केंद्र सरकार को तत्काल सीधी हवाई सेवाओं का संचालन नई दिल्ली के लिए करना चाहिए।
लोगों के संपर्क में हैं भारतीय दूतावास के अधिकारी
लिवीव में फंसे सूर्यांश ने अपनी मां रश्मि बिष्ट को बताया कि फिलहाल यूक्रेन संकट के बीच खाने-पीने और रहने का संकट नहीं है। पर जिस तरीके से स्थितियां बनी हुई हैं उसे देखते हुए सुरक्षित देश लौटने में ही भलाई है। हालांकि सूर्यांश ने यह भी बताया कि कीव स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी यूक्रेन में रहने वाले सभी भारतीयों के संपर्क में हैं और दूतावास के अधिकारियों की ओर से समय-समय पर एडवाइजरी जारी की जा रही है।