अंग्रेजी के जाने-माने लेखक पद्म विभूषण रस्किन बांड (81) के जन्म दिन पर मसूरीवासियों और दूर-दूर से आए शुभचिंतकों ने उनकी दीर्घायु की कामना की। पोती के हैप्पी बर्थडे कहने के बाद रस्किन ने केक काटा।
शुभचिंतकों से घिरे रस्किन के चेहरे पर युवावस्था जैसी चमक-धमक दिखाई दी। शाम करीब चार बजे मालरोड पर रियाल्टो चौक और स्टेट बैंक के सामने कैंब्रिज बुक डिपो के पास खूब चहलपहल दिखाई दी।
देश के कोने-कोने से आए सैलानियों के बच्चों ने रस्किन को बर्थडे की शुभकामनाएं दी। बच्चों ने किताबें खरीदी और आटोग्राफ लिए। रस्किन भी शाम साढ़े पांच बजे तक कैंब्रिज बुक डिपो पर जमे रहे। उन्होंने जन्मदिन की बधाईयां स्वीकारी। बच्चों से बात करते हुए उन्हें अच्छा लिखने का आशीर्वाद दिया।
कोलकाता और दिल्ली से भी प्रशंसक घर पहुंचे। शाम चार बजे कैंब्रिज बुक डिपो के संचालक सुनील अरोरा रस्किन बांड को साथ लेकर आए।
81वें जन्मदिन पर दो किताबों का किया विमोचन
कैब्रिज बुक डिपो पर जन्मदिन के जश्न के बीच बांड ने जन्मदिन पर दो किताबों का विमोचन किया। इनमें रंजीज वंडरफुल बेट एंड अदर स्टोरीज, रस्टी एंड लैपर्ड शामिल थीं। दोनों ही पुस्तकें बच्चों के लिए लिखी गई हैं।
दिल्ली से बच्चे एजुकेशनल टूर पर आए थे। निरंकारी मिशन की राजमाता, मसूरी इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल प्रिया पीटर, लेखिका और फिल्म निर्देशिका शुभ्रा प्रियादर्शिनी, तान्या शैली, मनोज शैली समेत देश-विदेश से आए सैलानी मौजूद थे।
पहाड़ी व्यंजनों से दिन की शुरूआत
रस्किन सुबह जल्दी उठ गए थे। उनके गोद लिए परिवार के सदस्यों ने सबसे पहले जन्मदिन की बधाई दी। घर में दाल के पकौडे़ बनाए गए। पहाड़ी व्यंजनों के स्वाद से रस्किन के दिन की शुरूआत हुई। पोती सृष्टि ने बर्थडे केक काटा। रस्किन ने कहा वे अपने पाठकों के लिए निरंतर लिख रहे हैं। आने वाले दिनों में पाठकों के पास कई और कहानियां भी आएंगी। उन्होंने कहा युवा पीढ़ी के लेखकों को समर्पण भावना से लेखन करना चाहिए। लेखन में निरंतरता का बढ़ा महत्व होता है।