दिवाली के पावन मौके पर राजधानी देहरादून का बाजार गुलजार हो गया है। कुछेक सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी जगहों पर ग्राहकों की भीड़ से कारोबारियों में जबरदस्त उत्साह की लहर है।
अनुमान के मुताबिक सोने, चांदी, शेयर बाजार से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम, ऑटो सेक्टर में दो दिन में 600 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार रिकॉर्ड किया गया है। लंबे समय से ग्राहकों की कम भीड़ से बेजार हो रहे बाजार को नई जान मिल गई है।
धनतेरस के साथ हुई बंपर शुरुआत ने दूसरे दिन भी ग्राहकों की भीड़ बाजारों में जमाए रखी। दिनभर ग्राहकों की भीड़ से बाजार गुलजार रहे। व्यापारियों में इससे उत्साह की लहर है। व्यापारियों का कहना है कि गत वर्ष की तुलना में इस साल बाजार में अचानक आए ग्राहकों से निश्चित तौर पर यह दिवाली यादगार होने वाली है।
ऑटो सेक्टर में दूसरे दिन भी भीड़ रही। मंगलवार को राजधानी में करीब 50 नई कार और करीब 70 मोटरसाइकिल की डिलीवरी हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम की खरीदारी को भी मंगलवार को भीड़ नजर आई। कारोबारी अनिल गोयल ने बताया कि चाइनीज आइटम की खरीदारी का खास उत्साह रहा है।
बाजार में मिट्टी के दीयों की भी काफी डिमांड देखी गई। इसके अलावा शेयर बाजार में दूसरे दिन भी काफी अच्छा कारोबार रहा। बाजार विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक धनतेरस को करीब 350 करोड़ के कारोबार के बाद मंगलवार को छोटी दिवाली पर करीब 250 करोड़ का कारोबार हुआ।
पटाखों का कारोबार चरम पर
दिवाली से ठीक एक दिन पहले दून में पटाखों का कारोबार चरम पर रहा। सुबह से ही लोग पटाखों की दुकानों पर खरीदारी के लिए जुट गए। क्लेमेंटटाउन स्थित पटाखा फैक्ट्री में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी। यहां भारी छूट पर पटाखे बेचे गए। शहर में लगी पटाखों की दुकानों पर भी जबरदस्त भीड़ नजर आई।
आज होगा मुहूर्त कारोबार
दिवाली के मौके पर वैसे तो शेयर बाजार बंद रहेगा, लेकिन शाम को करीब छह बजे लक्ष्मी पूजन के साथ ही करीब आधा घंटे के लिए मुहूर्त कारोबार होगा।
मान्यता है कि इस दौरान बाजार का जैसा भी रुख देखने को मिलेगा, आने वाले वक्त में वैसा ही बाजार रहेगा। बाजार विशेषज्ञ रंजन वर्मा ने बताया कि मार्केट में इस दौरान सही रिस्पांस आ रहा है। लिहाजा, कारोबारी भी अपने मुहूर्त कारोबार से शुभ शुरुआत कर सकते हैं।
शाम को सात से नौ बजे तक पटाखों की अनुमति
दिवाली के मौके पर केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के निर्देशों के तहत अपेक्षा जताई गई है कि इस बार शाम को सात बजे से नौ बजे तक ही पटाखे चलाने की अनुमति होगी।
रेजीडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन को सामूहिक रूप से पटाखों के प्रयोग की अनुमति एक दिन में केवल 30 मिनट ही दी जाएगी। शिक्षकों को कहा गया कि छात्रों को पटाखे न खरीदने और इको दिवाली मनाने को प्रोत्साहित करें।