उत्तराखंड में रुड़की रेलवे स्टेशन को ए-वन श्रेणी का दर्जा मिला है। बावजूद इसके इस स्टेशन पर किसी नियम का पालन नहीं हो रहा है। रेलवे प्रशासन स्टेशन में पसरी अव्यवस्थाओं से पूरी तौर से मुंह मोड़े हुए है। इसी का नतीजा है कि दुपहिया वाहन स्टैंड संचालक अतिक्रमण कर स्टेशन की सुंदरता पर दाग लगा रहे हैं।
यात्रियों को परेशानी
वाहनों को स्टैंड के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर भी खड़ा कराया जा रहा है। अतिक्रमण के चलते यात्रियों को आने-जाने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। रेलवे स्टेशन में वाहन पार्किंग के दो स्टैंड बने हुए हैं। एक स्टैंड कार पार्किंग का और दूसरा दुपहिया वाहनों का है। दुपहिया वाहन स्टैंड संचालक निर्धारित स्थान से अधिक भूमि का प्रयोग कर वाहनों को निकासी द्वार के पास खड़ा करा रहे हैं। ऐसे में स्टेशन के प्रवेश द्वार की सूरत तो बिगड़ ही रही है साथ ही यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
...तो इसलिए साधी है चुप्पी
खुलेआम रेलवे परिसर में अतिक्रमण के बावजूद रेलवे अधिकारी खामोश क्यों है, यह सवाल लाजिमी है। रेलवे कर्मचारियों के मुताबिक दुपहिया वाहन स्टैंड किसी बड़े नेता का है। यही कारण है कि रेलवे अधिकारी रेलवे परिसर में अतिक्रमण से आंखें मूंदे हुए हैं।