नैनीताल जिले में कार्बेट पार्क से लगे पवलगढ़ और सीतावनी के जंगल में एक हेलीकॉप्टर के क्रैश होने की सूचना से हड़कंप मच गया।
नैनीताल जिला प्रशासन ने पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों के साथ जंगलों की कांबिंग की, लेकिन दुर्घटनाग्रस्त हेलीकॉप्टर का मलबा मिलना तो दूर घटनास्थल की जानकारी तक नहीं मिली। एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) ने उस इलाके में किसी भी हेलीकॉप्टर के उड़ने की पुष्टि नहीं की। लिहाजा, प्रशासन ने सूचना को अफवाह बताया।
मंगलवार अपराह्न अचानक व्हाट्सएप ग्रुपों में सीतावनी और पवलगढ़ के जंगलों में एक हेलीकॉप्टर क्रैश होने की सूचना चलने लगी। सूचना के साथ ही हरे कलर के एक हेलीकॉप्टर के मलबे की फोटो भी पोस्ट होने लगी। फोटो सैटेलाइट से ली गई थी। फोटो और सूचना से पुलिस, प्रशासन और वन विभाग में खलबली मच गई।
अधिकारियों ने अपने स्तर से सूचना की पुष्टि करने के लिए देहरादून से लेकर दिल्ली तक फोन घुमाए। लेकिन उस इलाके में किसी भी हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने की कोई पुष्टि नहीं हुई। एहतियातन प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों ने पवलगढ़ और सीतावनी के जंगलों में कांबिंग की। देर रात तक कांबिंग चली, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कोटाबाग और आसपास के लोगों ने पूछताछ में दोपहर में करीब दो बजे आसमान में काफी नीचे हेलीकॉप्टर उड़ने की पुष्टि की थी, जिसके बाद ही सर्च अभियान चलाया गया। प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक सूचना फर्जी थी। सूचना हरिद्वार के किसी व्यक्ति के फेसबुक अकाउंट से पोस्ट की गई थी। फेसबुक अकाउंट से कोटाबाग के एक व्यक्ति ने उसे कॉपी कर व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट कर दिया। यह पोस्ट आग की तरह फैल गई और नैनीताल से दिल्ली तक खलबली मच गई।