पार्षद प्रकाश धामी ने डेढ़ साल पहले देवरिया किच्छा निवासी आरती से शादी की थी। शादी के कुछ समय पहले ही दोनों के परिवारों में दरार भी आ गई थी। प्रकाश का रुद्रपुर में किसी के साथ विवाद हो गया था।
फायरिंग के आरोप में उन्हें जेल जाना पड़ा था। आरती के पिता ने तब बेटी की शादी करने को मना कर दिया था, लेकिन बाद में दोनों के परिजनों की सहमति से प्रकाश और आरती शादी के बंधन में बंध गए थे।
बंद मिले पार्षद के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे
पार्षद प्रकाश धामी को अपनी जान का खतरा था। सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने अपने घर के बाहर दो सीसीटीवी कैमरे लगाए थे, लेकिन सोमवार को जब उन्हें गोली मारी गई तो दोनों सीसीटीवी कैमरे बंद थे। सीओ अमित कुमार ने बताया कि गोलीकांड की पूरी घटना आसपास के सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है।
भाजपा समर्थित पार्षद प्रकाश धामी की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। भदईपुरा निवासी पार्षद की पत्नी आरती ने आशंका जताई है कि उसके पति की हत्या में किसी करीबी का हाथ हो सकता है क्योंकि हत्या को अंजाम देने आए कार सवारों में से एक ने उसके पति को हाथ हिलाकर इशारा किया था। उसके हाथ हिलाने पर ही पति छत से उतरकर दरवाजे तक गए और तीन बदमाशों ने गोलियों से भूनकर उसके पति की निर्मम हत्या कर दी।
यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती पार्षद की पत्नी आरती का कहना है कि सोमवार सुबह उठकर उसके पति रोजाना की तरह छत पर टहलने के लिए गए थे। जब उनके घर की घंटी बजी तो सास जानकी देवी ने दरवाजा खोला था। उस समय दरवाजे पर दो युवक खड़े थे और कार चालक एवं एक अन्य युवक कार में बैठे थे। जिस समय दरवाजे पर खड़े युवकों ने नगर निगम से आने की बात कही थी, उसके पति ने छत से नीचे झांका था।
कार से बाहर उतरे एक युवक ने पति की तरफ हाथ हिलाया था। उसके हाथ हिलाते ही पति छत से नीचे कमरे में आए और मां ने उनसे बाहर दो युवकों के बुलाने की बात कही। कार में परिचित को देखकर ही वह बेहिचक दरवाजे तक गए थे लेकिन दरवाजे पर पहले से खड़े दो युवकों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इसके बाद कार में परिचित बनकर बैठे युवक ने भी दरवाजे पर आकर एक गोली मारी थी। आरती का कहना है कि पति की मौत में किसी करीबी का हाथ हो सकता है।
पार्षद प्रकाश की पत्नी आरती का कहना है कि उसके पति के साथ अनहोनी का डर उसे लंबे समय से था। उसके पति से रुद्रपुर और आसपास के कई अपराधी रंजिश रखते थे लेकिन उसे अपने पति की बहादुरी पर गर्व था। आरती ने बताया कि शादी से पहले उसके पति का रुद्रपुर के कुछ अपराधी किस्म के लोगों से विवाद हुआ था। तब फायरिंग भी हुई थी, जिसमें कुछ लोगों को गोली लगी थी लेकिन इसमें उसके पति की कोई गलती नहीं थी। उन्हें जबरन फंसा दिया गया था।
उसका कहना है कि इस प्रकरण को लेकर रुद्रपुर के कई अपराधी उसके पति को मारने की धमकी देते थे। कुछ समय पहले उसके पति जेल से बाहर आए तो उन्होंने उसे पूर्व में हुई घटनाओं के बारे में सब कुछ बताया था। उसका कहना है कि सोमवार को जब एक साथ दो तीन लोग मिलने की बात कहकर घर के बाहर आए तो उसे डर सताने लगा था।
इससे पहले उनसे मिलने वाले कॉल करके ही आया करते थे। उसके पति घर के बाहर आने वाले सभी लोगों से मिलते भी नहीं थे। अचानक तीन लोगों के मिलने पर उसे बदमाशों की हरकतों पर संदेह हो गया था लेकिन पति की बहादुरी के चलते उसने रोकना जरूरी नहीं समझा। उसे पछतावा है कि पति को जाने से रोक लेती तो शायद उनकी जान बच सकती थी।
मां के पहुंचने से पहले ही भाग गए थे बदमाश
पार्षद की सास रेनू देवी ने बताया कि पार्षद जब दरवाजे से बाहर निकले तो परिजन घर के अंदर मौजूद थे। गोलियों की आवाज सुनते ही मां जानकी देवी बाहर निकलकर आईं। मां के मौके पर पहुंचने से पहले ही बदमाश वारदात को अंजाम देकर फरार हो चुके थे।