मातावाला बाग में आम के पेड़ काटे जाने को लेकर रविवार को सैकड़ों लोगों ने हंगामा किया। करीब दो घंटे चले हंगामे से सहारनपुर रोड पर जाम की स्थिति बन गई। हंगामा बढ़ते देख प्रशासन व पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद प्रशासन के अधिकारियों ने श्रीदरबार साहिब के पदाधिकारियों से बातचीत करने की बात कहकर लोगों को शांत कराया। हालांकि, लोगों ने आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। उधर, श्रीदरबार साहिब ने इन आरोपों को तथ्यहीन करार दिया है। उनका कहना है कि कुछ लोगों द्वारा गलत जानकारियां फैलाई जा रही हैं। बाग में कोई पेड़ नहीं काटा जा रहा है, इस संबंध में वन विभाग भी इंकार कर चुका है।
गौरतलब है कि काफी दिनों से मातावाला बाग में चुपचाप पेड़ काटे जाने की बात सोशल मीडिया पर चल रही है। सोशल मीडिया पर इसके फोटो भी पोस्ट किए जा रहे थे। इसके बाद से लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश था। इसी क्रम में रविवार को क्षेत्र के सैकड़ों लोग मातावाला बाग के सामने एकत्र हुए और श्रीदरबार साहिब प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। लोगों ने इस आंदोलन के लिए मातावाला बाग बचाओ संघर्ष समिति का गठन भी किया है। समिति के लोगों का कहना है कि मातावाला बाग में साजिश के तहत पेड़ काटे जा रहे हैं। इससे पहले बाग के आसपास की जमीन को भी बेचा जा चुका है।
आरोप है कि अब बाग में पेड़ काटकर निर्माण करने की योजना बनाई जा रही है। एक आरोप यह भी है कि सूखे पेड़ों की आड़ में हरे पेड़ भी काटे जा रहे हैं। हरे पेड़ों को केमिकल डालकर सुखाया जा रहा है। जबकि, वहां पर एक भी नया पेड़ नहीं लगाया जा रहा है। रविवार को लोगों ने करीब दो घंटे तक हंगामा किया। मौके पर प्रशासन के अधिकारी और कोतवाली व अन्य थानों से भी फोर्स पहुंच गई। अधिकारियों ने बमुश्किल हंगामा शांत कराया और वार्ता के लिए श्रीदरबार साहिब गए।
श्रीदरबार साहिब के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने बताया कि जो लोग इस तरह की बातें फैला रहे हैं वे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। मातावाला बाग 300 साल पुराना ऐतिहासिक स्थल है। वर्तमान में यहां गुरुराम राय विश्वविद्यालय की एग्रीकल्चर फैकल्टी के छात्र शोध कार्य करते हैं। यहां जैविक खेती भी की जा रही है और नए पेड़ भी लगाए जा रहे हैं। बाग में असामाजिक तत्वों का प्रवेष निषेध किया गया है।