कैलाश मानसरोवर यात्रियों का पहला दल 13 जून को आधार शिविर धारचूला पहुंचेगा। इससे पहले यात्रियों का आईटीबीपी मिर्थी में स्वागत होगा। यहां यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस बार यात्रियों को उच्च हिमालयी क्षेत्र के वातावरण को समझने के लिए गुंजी से तीन किलोमीटर दूर नाभि गांव में रात्रि विश्राम के लिए ले जाया जाएगा। इधर, आईटीबीपी ने यात्रा की तैयारियां पूरी कर ली हैं।
आईटीबीपी मिर्थी के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार 12 जून को यात्रियों का दिल्ली में मेडिकल होगा। पहले दल में संभवत: 60 यात्री हो सकते हैं। यात्री 13 जून को पहले आधार शिविर धारचूला पहुंचेंगे। 16 जून को पहला दल गुंजी पहुंचेगा। यहां से यात्रियों को रात्रि विश्राम के लिए पहली बार छोटा कैलाश यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले नाभि गांव ले जाया जाएगा। पिछले वर्षों तक यात्रियों को यहां नहीं ले जाया जाता था।
उच्च हिमालयी क्षेत्र के वातावरण के अनुरूप यात्री खुद को ढाल सकें, इसलिए उन्हें नाभि गांव ले जाया जाएगा। 17 जून को यात्रियों को वापस गुंजी लाया जाएगा। इसी दिन यात्रियों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। जांच में स्वस्थ पाए जाने पर यात्रियों को आगे की यात्रा की अनुमति दी जाएगी। पूरी यात्रा 21 दिन की होगी। उच्च हिमालयी क्षेत्र में यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा आईटीबीपी के पास है।