मसूरी की लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में छह माह तक फर्जी आईएएस बनकर रही रूबी चौधरी को मजिस्ट्रेटी (164 के) बयान दर्ज करने के लिए अदालत ने तलब किया है। उसे 15 अप्रैल को अदालत में पेश होना होगा।
इस दौरान रिमांड के दौरान मिले कई नोट्स, पत्रों से उसकी हैंडराइटिंग का मिलान भी किया जाएगा। उधर, रिमांड के दौरान रूबी से मिली कंप्यूटर हार्ड डिस्क और किताबों समेत 29 वस्तुओं को कोर्ट में पेश करने के बाद सील कर दिया गया।
सोमवार को दिए आदेश
सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार की अदालत ने रूबी चौधरी के बयान दर्ज करने और हस्तलेख मिलान के लिए 15 अप्रैल को तलब करने का आदेश दिया।
एसआईटी प्रभारी और जांच अधिकारी शाहजहां जावेद अंसारी ने अदालत को रिमांड के दौरान रूबी से बरामद चीजों की जानकारी दी।
रूबी से संबंधित चीजें हुईं सील
संयुक्त अभियोजन अधिकारी जेएस बिष्ट के मुताबिक सोमवार अदालत में रूबी से बरामद कंप्यूटर हार्डडिस्क, रजिस्टर, किताबें, सीडी, एलबीएस से संबंधित दस्तावेज, आईएएस की ड्रेस, एसडीएम का आईकार्ड आदि चीलें सील की गई। संयुक्त अभियोजन अधिकारी ने कहा कि इनमें से कुछ चीजें जांच के लिए विज्ञान प्रयोगशाला भेजी जाएंगी।