रूबी प्रकरण की जांच कर रही पुलिस ने 38 दिन बाद हार मान ली। बुधवार को डीजीपी ने मान लिया कि एसआईटी अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। मामले की जांच सीबीआई करे तभी सच सामने आ पाएगा। कहा कि उन्होंने शासन से मामले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति कर दी है।
मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में 27 मार्च को मुजफ्फरनगर के कुटबी की रहने वाली रूबी चौधरी के फर्जी तरीके से प्रशिक्षु आईएएस के रूप में रहने का खुलासा हुआ था। तीन दिन के उतार-चढ़ाव के बाद सुरक्षा अधिकारी की तरफ से मसूरी कोतवाली में रूबी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद विवेचना बदलती रही।
एसआईटी बनाकर मामले की जांच शुरू हुई। कई बार ऐसा लगा था कि विवेचना में सच सामने आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी बीच 27 अप्रैल को एसआईटी प्रभारी शाहजहां जावेद अंसारी की तबीयत खराब हो गई तो विवेचना पर ब्रेक लग गया। तीस अप्रैल को एएसपी ममता वोहरा को विवेचना की कमान सौंपी गई।