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परिवहन विभाग के अफसरों की कार्रवाई का सिटी बस चालकों, परिचालकों पर नहीं है असर

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परिवहन विभाग के अफसरों ने राजधानी की सड़कों पर फर्राटा भर रही सिटी बसों में व्यवस्थाएं सुधारने को लेकर बेशक अभियान शुरू किया है, लेकिन अभी सिटी बसों में व्यवस्थाएं सुधर नहीं पाई है। सिटी बसों में न तो बुजुर्गों और महिलाओं को सीटें मुहैया हो पा रही और न ही परिचालकों द्वारा यात्रियों को टिकट दिया जा रहा है।
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परिवहन प्रावधानों के मुताबिक, सिटी बस चालकों द्वारा यात्रियों को टिकट देने की अनिवार्यता है। इतना ही नहीं सिटी बस चालकों द्वारा परिवहन विभाग की ओर से निर्धारित बस अड्डों पर गाड़ियों को खड़े करने के बजाय जहां-जहां रोककर सवारियों को लिया जा रहा, जिससे सड़कों पर जाम की स्थिति बन रही है। उधर, आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी का कहना है कि सिटी बसों को लेकर व्यवस्थाएं सुधारी जा सके, इसके लिए जल्द की विशेष जांच अभियान शुरू किया जाएगा। इसके लिए विभागीय टीमों का गठन किया जा रहा है।
पिछले दिनों बाद आरटीओ प्रवर्तन ने विभागीय अधिकारियों के साथ सिटी बसों में सफर करने के साथ ही व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि बसों में बुजुर्गों और महिलाओं को निर्धारित सीटें नहीं मुहैया कराई जा रही हैं। जांच अभियान के दौरान आरटीओ ने सिटी बस परिचालकों को इस बात की भी सख्त हिदायत दी थी कि यह सुनिश्चित कराया जाए कि संभागीय परिवहन प्राधिकरण की बैठक में तमाम सिटी बसों में महिलाओं और बुजुर्गों के लिए जो सीटें आरक्षित की गई हैं, उस पर महिलाएं और बुजुर्ग यात्री ही सफर करें।
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उन्होंने इस बात पर भी चेतावनी दी थी कि यात्रियों को सफर कराने के एवज में टिकट दिया जाए, लेकिन फिलहाल आरटीओ के एक दिवसीय निरीक्षण के बावजूद और कई सिटी बसों के खिलाफ कार्रवाई करने के बावजूद व्यवस्थाएं नहीं सुधर पाई हैं। अमर उजाला ने मंगलवार को कई सिटी बसों का जायजा लिया तो ज्यादातर सिटी बसों में न तो यात्रियों को टिकट दिया जा रहा था और न ही महिलाओं के लिए कोई सीट आरक्षित थी। सिटी बसों में कई महिलाएं खड़े होकर सफर कर रही थी।
एक दिन के विशेष जांच अभियान में यह जानकारियां जुटायी गई थी कि आखिरकार सिटी बसों के संचालन में क्या क्या खामियां हैं, लेकिन अब नए सिरे से लगातार अभियान चलाया जाएगा। यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि सिटी बसों में व्यवस्थाओं का कड़ाई से पालन हो। यदि निर्धारित प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा तो संचालकों के साथ ही चालकों और परिचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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- शैलेश तिवारी, आरटीओ प्रवर्तन, देहरादून
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