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संघ के ‘सीसीटीवी’ में रहेगी उत्तराखंड और यूपी की नई सरकार

Tue, 14 Mar 2017 09:56 AM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
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rss - फोटो : File Photo
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उत्तराखंड और यूपी की नई सरकारें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के ‘सीसीटीवी कैमरे’ के दायरे में रहेंगी।
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संघ नहीं चाहता है कि दोनों प्रदेशों में भाजपा की सरकार आने के बाद ऐसी कोई भी घटना हो जो दूसरे राज्यों में आने वाले चुनावों में परेशानी का सबब बने।

दोनों प्रदेशों की सरकारों के कामकाज को मिशन-2019 के लिए संघ नजीर बनाना चाहता है। इसके लिए संघ सरकारों के कामकाज की सख्ती से समीक्षा करेगा।

उत्तराखंड की छोटी सी घटना देश स्तर पर डालती है प्रभाव

केदारनाथ आपदा - फोटो : file photo
उत्तराखंड के देवभूमि होने की वजह से यहां की छोटी सी घटना देश स्तर पर प्रभाव डालती है। केदारनाथ आपदा के बाद कांग्रेस इसका खामियाजा झेल चुकी है। कांग्रेस के बागी भले ही भाजपा में आकर चुनाव जीत गए हैं।

इसके अलावा उन्हें मंत्री भी बनाया जा सकता है। लेकिन नई सरकार के कामकाज के मामले में संघ पहले से ही एहतियात बरतना चाहता है। प्रदेश सरकार को नाप-तौल कर कदम रखने की हिदायत दी जाएगी जिससे कोई बड़ी चूक न होने पाए।

संघ के समीक्षक उत्तराखंड और यूपी में एक साथ नजर रखेंगे। दो साल के बाद संसदीय चुनाव होने हैं। मिशन-2019 के लिए अभी से तैयारी शुरू की जाएगी।
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समय-समय पर दिशा-निर्देश भी जारी किए जाते रहेंगे

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ
दोनों प्रदेशों की सरकारों के कार्यक्रमों का ऐसा ढांचा तय किया जाएगा, जिससे संसदीय चुनाव में उसका फायदा मिले। संघ के सूत्रों का कहना है कि सारी स्थिति की समीक्षा की जाती रहती है।

इसके साथ समय-समय पर दिशा-निर्देश भी जारी किए जाते रहेंगे। इन नई सरकारों में संघ के आम आदमी से जुड़े कार्यक्रमों में तेजी लाएगी।

सबको शिक्षा-सबको चिकित्सा सरीख अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के जरिये संघ सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेगा। उत्तराखंड और यूपी सरकार में जो अच्छे कार्य होंगे उनका लाभ भाजपा हिमाचल प्रदेश के चुनावों में उठा सकती है। 
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