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बाबा रामदेव के इस 'धन' पर है RSS की नजर

Wed, 03 Dec 2014 07:46 PM IST
कौशल सिखौला/अमर उजाला, हरिद्वार
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यह बात अब साफ हो गई है कि चुनाव से पूर्व और चुनाव में बाबा के चमत्कार से संघ काफी प्रभावित हुआ। गांव-गांव पकड़ बना चुका संघ जान गया है कि बाबा की इकाईयां भी गांव-गांव फैल गई है।
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यही नहीं बाबा के समर्थकों की संख्या करोड़ को पार कर गई है। बदलते भारतीय समाज में संघ का प्रभाव भले बढ़ा हो, किंतु संघ की शाखाओं में आने वालों की संख्या लगातार घटी है। विशेष रूप से नए जमाने का युवा शाखाओं में नहीं आ रहा।

इसके विपरीत बाबा के शिविरों में हजारों की संख्या में युवक पहुंच रहे हैं। बाबा ने तो पूरे देश में युवा शक्ति की एक दीवार खड़ी कर दी है। संघ बाबा से नजदीकियां बढ़कर युवाओं पर बाबा के प्रभाव का लाभ उठाना जा रहा है। यही वजह है कि हाल के शिविर में बाबा ने मंच पर संघ प्रणाम करने में कोई गुरेज नहीं किया।
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संघ परिवार का नया मक्का बनी पतंजलि

संघ मुख्यालय नागपुर के बाद अब पतंजलि की बारी है। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद छोटे-बड़े सभी दिग्गज बाबा के सामने हाजिरी लगा रहे हैं। दर्जनभर मंत्री और अमित शाह आ चुके हैं। नए बरस में मोदी को लाने की तैयारी चल रही है। उनके योग्य कार्यक्रम बनते ही पीएम का आना तय है।

संघ परिवार के नेताओं का हरिद्वार के अखाड़ों-आश्रमों से नजदीकी संबंध रहा है। अब पूर्ण बहुमत की सरकार आते ही न केवल पतंजलि अपितु अन्य आश्रमों में भी संघ, विहिप व भाजपा नेताओं का आगमन जारी है।

भागवत के साथ-साथ अशोक सिंघल भी आज चुके हैं। पतंजलि सूत्रों के अनुसार जिस प्रकार उत्तराखंड संघ का शिविर पिछले दिनों लगा, उसी भांति अन्य प्रांतों के शिविर भी आने वाले दिनों में पतंजलि में लग सकते हैं।
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बाबा ने पहली बार खोले पतं‌जलि के दरवाजे

अपना आश्रम किसी को न देने वाले बाबा ने संघ परिवार के लिए अपने तमाम दरवाजे खोल दिए। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों से जो नागपुर में होता रहा, वह पतंजलि में भी होने लगा।

'राष्ट्रवादी है संघ, परहेज कैसा'
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ राष्ट्रवादी संगठन है। लंबे समय से मानव जाति में संस्कारों के बीज बोता आ रहा है। मेरा ध्येय भी प्रखर राष्ट्रवादी पीढ़ी तय करना है। छोटे बच्चों के माध्यम से वह शुरुआत कर दी गई है। योग, प्राणायाम, भारतीय उत्थान तथा गौरव के युग में यदि संघ और हम मिलकर काम करेंगे तो देश बहुत आगे चला जाएगा। आखिर भारत देश को उस स्थान पर तो पहुंचाना ही है, जहां वह युगों तक आसीन रहा। सौभाग्य से देश का भविष्य उज्ज्वल बनाने का समय अब आ गया है।
-योग गुरु बाबा रामदेव।
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