उत्तराखंड की राजनीति में अलग-अलग कारणों से कांग्रेस के करीब एक दर्जन नाराज विधायक मुख्यमंत्री हरीश रावत की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
ऐसा इसलिए क्योंकि धीरे-धीरे अगल-अलग गुट और धड़ों से संबंधित विधायक एक प्लेटफार्म पर जुटने लगे हैं। अगर नाराजगी यूं ही बनी रही तो राज्यसभा के लिए मतदान में कुछ विधायक पार्टी के खिलाफ जाने की भी तैयारी में हैं।
वहीं बहुगुणा कैंप ने विजय बहुगुणा की उम्मीदवारी कटने पर लखनऊ कैंट से विधायक और उनकी बहन रीता बहुगुणा जोशी का नाम उछाला है।
कांग्रेस को अपना उम्मीदवार जिताने के लिए 36 विधायकों की आवश्यकता है। कांग्रेस को सात अन्य सहयोगी विधायकों का भी समर्थन है। उस हिसाब से कांग्रेस के पास पर्याप्त संख्या है, लेकिन करीब एक दर्जन विधायक इस मौके पर अपना-अपना दर्द प्रभारी अंबिका सोनी और सहप्रभारी संजय कपूर से बयां कर चुके हैं।
मंत्रियों में हरक सिंह रावत, प्रीतम सिंह और यशपाल आर्य की नाराजगी जगजाहिर है। जबकि वरिष्ठ विधायकों में सुबोध उनियाल, शैलेंद्र मोहन सिंघल, मयूख महर, राजेंद्र भंडारी, अमृता रावत, विक्रम सिंह नेगी, विजय पाल सजवाण, अनुसुइया प्रसाद मैखुरी किन्हीं कारणों से नाराज हैं।