देर शाम मतदान समाप्त होने के साथ ही मेयर के दस और पार्षदों के 210 प्रत्याशियों का भविष्य मतपेटियों में बंद हो गया। चुनाव समाप्त होने के साथ ही प्रत्याशियों और समर्थकों ने भी राहत की सांस ली और हार-जीत के आंकड़े जुटाने में जुट गए।
यही नहीं, प्रत्याशी और समर्थक गली मोहल्लों में वोटरों का रुझान लेकर अपने पक्ष में हुए मतदान का आकलन करने में जुटे हैं ताकि किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सके। कुछ प्रत्याशी जाति-धर्म के आधार पर गणित लगाने में जुटे रहे तो वहीं भाजपा, कांग्रेस और बसपा के प्रत्याशी व्यक्तिगत वोटरों के साथ पार्टी के कैडर वोट के आधार पर परिणाम अपने पक्ष में बता रहे हैं। देर शाम चौराहों पर राजनीतिक चौपालें भी लगीं, जिनमें राजनीतिक पंडित भी वोटों का गुणाभाग करते दिखे।