ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण करते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
रुड़की में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और एसपी देहात ने मंगलौर स्थित ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण कर प्लांट से यूपी जाने वाले ऑक्सीजन पर अगले आदेशों तक पाबंदी लगा दी है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने कहा कि उत्तराखंड की ऑक्सीजन को पहले उत्तराखंड में ही सप्लाई किया जाए।
बृहस्पतिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल व एसपी देहात परमिंदर सिंह डोबाल ने झबरेड़ा रोड स्थित ऑक्सीजन प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने प्लांट के प्रबंधक निदेशक से प्लांट में 24 घंटे में तैयार किए जा रहे सिलिंडरों की संख्या और सप्लाई होने वाले स्थानों की जानकारी मांगी।
उत्तराखंड: 24 घंटे में रिकॉर्ड 6251 नए संक्रमित मिले, 85 मरीजों की मौत, एक्टिव केस 48 हजार पार
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को पता चला कि प्लांट से यूपी में भी ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने प्लांट के सभी अधिकारियों को उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन सप्लाई पर पाबंदी लगाने के आदेश दिए। क्योंकि उत्तराखंड में भी ऑक्सीजन की काफी कमी है, जिस कारण ऑक्सीजन को जनपद हरिद्वार के साथ ही उत्तराखंड के अन्य इलाकों में सप्लाई की जानी अत्यंत आवश्यक है।
उत्तराखंड: सरकार ने बढ़ाई सख्ती, अब तीसरी बार मास्क न पहनने पर लगेगा एक हजार रुपये जुर्माना
यदि प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई उत्तर प्रदेश में होती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जेएम ने प्लांट पर एक पटवारी और पुलिस का एक सिपाही 24 घंटे तैनात करने के निर्देश दिए। कर्मचारी प्रशासन को हर चार घंटे बाद प्लांट पर तैयार होने वाली ऑक्सीजन की मात्रा और कहां-कहां सप्लाई की गई इसकी जानकारी देंगे। इस दौरान प्लांट के प्रबंध निदेशक राकेश यादव ने प्रशासन से प्लांट में 20 टन का लिक्विड टैंक लगाने की मांग की है।
कहा कि यदि प्लांट में टैंक उपलब्ध रहता है तो जनपद में ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। इस दौरान एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने भी क्षेत्राधिकारी मंगलौर पंकज गैरोला को प्लांट पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान नायब तहसीलदार, सीओ मंगलौर पंकज गैरोला, कोतवाली प्रभारी यशपाल सिंह बिष्ट, एसएसआई डीएस रावत आदि मौजूद रहे।